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  भारतीय लोकतंत्र का अनुसरण करे पाकरू गिलानी
स्रोतः प्रभासाक्षी
स्थानः
इस्लामाबाद
तिथिः
06 Qjojh 2012
 

   

प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने भारत के फलते फूलते लोकतंत्र और पाकिस्तान से इसके श्नितांत अलगश् होने का उल्लेख करते हुए आज दुरूख प्रकट किया कि उनके देश में किसी भी निर्वाचित सरकार को अपना कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया। गिलानी ने पाकिस्तान में लोकतंत्र कायम रखने की महत्ता बताते हुए कहा कि संसद का कार्यकाल पूरा होना देश हित में है लेकिन अगले माह सीनेट का चुनाव कराने से उनकी सरकार को रोकने के लिये साजिश रची जा रही है। उन्होंने राजधानी में एक सरकारी समारोह के इतर संवाददाताओं से कहा श्श्पाकिस्तान और भारत एक ही दिन अस्तित्व में आये लेकिन कैसे उन्होंने लोकतांत्रिक प्रणाली को आगे बढ़ाया इसमें काफी अंतर है।'' गिलानी ने कहाए लंबे अर्से से पाकिस्तान में किसी भी सरकार को उसका कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया। इसने देश के लिये कई समस्यायें उत्पन्न कीं। संसद का कार्यकाल पूरा होना देश हित में है। उन्होंने कहा कि संसद के ऊपरी सदन अथवा सीनेट के लिये चुनाव कराने में बाधा उत्पन्न करने के लिये श्कई साजिशेंश् रची गयीं जिससे सरकार के सामने कई दिक्कतें पेश आयीं। गिलानी ने कहा श्श्अभी भी एक दल सीनेट के चुनाव रोकने के लिये अदालत चला गया।श्श् उनका इशारा इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक.ए.इंसाफ से था जिसने चुनाव रोकने के लिये उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। गिलानी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यपीपीपीद्ध के अगले माह निर्धारित 54 सदस्यीय सीनेट के चुनाव में बहुमत से विजयी होने की उम्मीद है। पाकिस्तान में लोकतंत्र कभी भी संस्थागत रूप नहीं ले पाया क्योंकि 1958 के बाद से कई सैन्य तख्तापलट उसने देखे हैं। आखरी बार 1999 में यह नौबत आयी जब परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ की निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका। देश में कई दशक तक सैन्य शासन रहा है।


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