‘लाल बजरी के बादशाह‘ नडाल ने पेश की जुझारूपन की नयी मिसाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 09, 2019

न्यूयार्क। लाल बजरी के बादशाह माने जाने वाले रफेल नडाल को अमेरिकी ओपन के हार्डकोर्ट पर कामयाबी रातोंरात नहीं मिली है बल्कि इसके पीछे उनके जुझारूपन, लगन और मेहनत की लंबी दास्तान है। रूस के दानिल मेदवेदेव को हराकर नडाल ने चौथा अमेरिकी ओपन खिताब जीता। वह ओपन युगल में फ्लशिंग मीडोस पर पांच बार खिताब जीतने वाले रोजर फेडरर, पीट सम्प्रास और जिम्मी कोनोर्स से एक खिताब पीछे हैं।

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वह अभी तक 10 फ्रेंच ओपन, चार अमेरिकी ओपन, दो विम्बलडन और एक आस्ट्रेलियाई ओपन जीत चुके हैं। उन्होंने आठ बरस की उम्र में अंडर 12 क्षेत्रीय खिताब जीता और 15 वर्ष में पेशेवर बन गए। उन्होंने 19 साल में पहला फ्रेंच ओपन खिताब 2005 में पदार्पण के साथ ही जीता। आंद्रे अगासी के अलावा नडाल ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने कैरियर ग्रैंडस्लैम और ओलंपिक एकल स्वर्ण जीता है। नडाल ने 2008 में बीजिंग में ओलंपिक स्वर्ण जीता था। घुटने और कलाई की चोट के कारण वह नौ बार ग्रैंडस्लैम नहीं खेल सके थे। वह 2015 और 2016 में ग्रैंडस्लैम फाइनल नहीं खेल सके थे तो लोगों को लगा कि अब उनका कैरियर खत्म हो चुका है। इसके बाद वह 2017 में आस्ट्रेलियाई ओपन फाइनल में पहुंचे हालांकि फेडरर से हार गए। लेकिन जून में रिकार्ड दसवीं बार फ्रेंच ओपन खिताब जीतकर वापसी की। 

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