By अंकित सिंह | Nov 25, 2025
बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम तेजी से शुरू हो गया है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर बड़ी जानकारी दी है। नीतीश ने नई सरकार के गठन के बाद आज एक्स पर लिखा कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है। बिहार के बड़ी संख्या में उपलब्ध युवा मानव संसाधन को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब (Technology Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी व फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी एवं उद्योगों का जाल बिछाने हेतु वृहद कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।
10वीं बार सीएम पर दी शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने हेतु नीति एवं कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर एवं सुंदर बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु तैयारी एवं नई तकनीकों का उपयोग कर राज्य को अग्रणी बनाने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी। उक्त सभी बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण का कार्य करेगी।
कुमार ने कहा कि आप सभी को पता है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगीकरण ने रफ्तार पकड़ी है। बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। इसके लिए औद्योगिक कॉरिडोर, उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, हाई क्वालिटी पावर सप्लाई, जल प्रबंधन एवं कुशल मानव संसाधन आवश्यक है, जो अब बिहार में उपलब्ध हैं। राज्य में औद्योगिक विकास एवं अगले 5 वर्षों में युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।