By अनन्या मिश्रा | Sep 01, 2026
पूरे देश में भगवान श्रीकृष्ण के अनगिनत मंदिर हैं। जहां पर आपको हर समय भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इनमें से कुछ मंदिर बेहद खास हैं। वहीं 04 सितंबर 2026 को पूरे देश में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस बार 04 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व पड़ रहा है। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के कुछ बेहद खास मंदिरों के दर्शन करने के बारे में सोच रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भगवान श्रीकृष्ण के कुछ बेहद खास मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।
वृंदावन का प्रेम मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। रात के समय भी यहां श्रद्धालुओं की भीड़ काफी ज्यादा होती है। प्रेम मंदिर की सजावट आकर्षण का केंद्र रहता है। रात के समय प्रेम मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता रहता है। वहीं रोशनी का रंग हमेशा बदलता रहता है।
वृंदावन का इस्कॉन मंदिर भी बेहद फेमस है। इस मंदिर में राधा-कृष्ण की बेहद मनोहारी प्रतिमा है। जो भी इनकी प्रतिमा को देखता है, वह मंत्रमुग्ध हो जाता है। यह मंदिर कृष्ण-बलराम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। साल 1975 में इस मंदिर को बनाया गया था। वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालु झूमते-गाते हुए प्रभु की भक्ति और आराधना करते हैं। इस मंदिर में दर्शन के लिए विदेशी श्रद्धालु भी भारी तादात में आते हैं।
मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर की आरती विशेष होती है। द्वारकाधीश मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर मूर्ति विराजमान है। मथुरा में पावन यमुना नदी पर कई घाट बने है। भक्त इन घाटों पर पूजा-आराधना करते हैं। साथ ही लोग नौका विहार का भी आनंद उठाते हैं।
यह मंदिर राजस्थान के नाथद्वारा में है। श्रीनाथ जी मंदिर अपनी मूर्तियों के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि इस मंदिर में मौजूद मूर्तियों को मेवाड़ के राजा गोवर्धन की पहाड़ियों से औरंगजेब से बचाकर लाए थे। श्रीनाथ जी मंदिर 12वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।
बैंगलोर का इस्कॉन मंदिर भारत के सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर में शामिल है। यह मंदिर साल 1997 में बनवाया गया था। इस मंदिर के निर्माण का उद्देश्य देश में वैदिक और धार्मिक सभ्यताओं को बढ़ावा देने का था। वहीं बुजुर्ग और विकलांग लोगों के लिए यहां पर एलिवेटर भी लगा है।
श्री रंछोद्रीजी महाराज मंदिर गुजरात के गोमती नदी के किनारे दकोर के मुख्य बाजार के बीचो-बीच है। 1772 में मंदिर की संरचना मराठा नोबेल द्वारा की गई थी। इस मंदिर में 8 गुंबद और 24 बुर्ज हैं। जोकि सोने से बनी हैं। इस मंदिर के साथ ही मां लक्ष्मी की भी मंदिर है, धार्मिक मान्यता है कि हर शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण लक्ष्मी मंदिर में मां लक्ष्मी से मिलने के लिए जाते हैं।
यह मंदिर 8वीं सदी में बनवाया गया था। अरुलमिगु श्री पार्थसारथी स्वामी मंदिर में भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। वहीं मंदिर में भगवान श्रीहरि विष्णु की कई तरह की मूर्तियां हैं। जोकि भक्तों को सबसे ज्यादा अपनी ओर आकर्षित करती है।
कर्नाटक के हंपी में स्थित बालकृष्ण मंदिर की संरचना बेहद अनोखे तरीके से की गई है। इस मंदिर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया गया है। इस मंदिर में बालकृष्ण विराजमान हैं।
कर्नाटक शहर में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक फेमस मंदिर है। 13वीं सदी में इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। इस मंदिर के पास एक तालाब मौजूद है, जिसके पानी में मंदिर का प्रतिबिंब दिखता है। भक्तों के लिए यह मंदिर बेहद पवित्र माना जाता है।