नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए 1100 भारतीय सिख श्रद्धालु पहुंचे पाकिस्तान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 04, 2019

इस्लामाबाद। भारत से एक हजार से ज्यादा सिख श्रद्धालु रविवार को पाकिस्तानी शहर हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब पहुंचे। ये श्रद्धालु सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के तहत ‘नगर कीर्तन’में शामिल होने के लिए यहां आए हैं। पंजाब प्रांत में गुरुद्वारे को रंगीन लाइटों से सजाया गया है। यहां आए तीर्थयात्रियों ने विभिन्न अनुष्ठान किए। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, विस्थापित संपत्ति न्यास बोर्ड (ईटीपीबी) के उप-सचिव धर्मस्थान इमरान गोंदल ने कहा कि 31 अक्टूबर को लुधियाना और अमृतसर के रास्ते वाघा से 11 सौ से ज्यादा सिखों ने सीमा पार की। 

सिख श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा जन्मस्थान, ननकाना साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा फरूकाबाद और अन्य तीर्थस्थानों का दौरा किया। यह तीर्थयात्रा करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब में संपन्न होगी जहां सोने की “पालकी साहिब” स्थापित होगी। गोंदल को यह कहते हुए उद्धृत किया गया, “नगर कीर्तन के लिये करीब 1300 वीजा जारी किये गए थे और यह भारत-पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों के दौरे के लिये 1974 में तय प्रोटोकॉल के तहत किया गया था।” उन्होंने कहा कि बोर्ड ने पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और जिला प्रशासन के साथ मिलकर भारतीय और स्थानीय सिख तीर्थयात्रियों के लिये सुरक्षा और ठहरने के इंतजाम किये थे। 

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ी कड़वाहट, काबुल में बंद हुए वीजा केंद्र

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कई सिख श्रद्धालुओं ने करतारपुर गलियारा खोले जाने की पहल की सराहना की और ननकाना साहिब में बाबा गुरु नानक विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने तथा गुरुनानक देव की 550वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी करने के लिये प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रशंसा की। करतारपुर गलियारे को नौ नवम्बर से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। यह बहुप्रतीक्षित गलियारा पंजाब के गुरदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित गुरुद्वारे दरबार साहिब से जोड़ता है जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित है।

इसे भी पढ़ें: इमरान के इस्तीफे की मोहलत समाप्त, प्रदर्शनकारियों ने दी पूरा पाक बंद करने की धमकी

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने पाकिस्तान के करतारपुर में रावी नदी के किनारे स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे में अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे जो इसे श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र स्थल बनाता है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पूर्व अध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह सरना ने करतारपुर गलियारा खोले जाने की सराहना करते हुए कहा कि यह लंबे समय से सिख समुदाय की इच्छा थी कि वह पाकिस्तान में ननकाना साहिब का बिना वीजा के दौरा कर सकें। उन्होंने लाहौर में गुरुद्वारा डेरा साहिब में एक नयी इमारत बनवाने के लिये भी सरकार का शुक्रिया अदा किया। 

प्रमुख खबरें

Career Tips: कोडिंग की जरूरत नहीं, Prompt Engineering में महारत हासिल कर पाएं High Salary Job

Shehbaz Sharif सरकार की बढ़ेगी मुश्किल? Imran Khan को अस्पताल न भेजने पर PTI ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा

UPSC 2025 Selection: OBC Creamy Layer नियमों पर Supreme Court में Special Bench के गठन की तैयारी

Patna में BPSC छात्रों का उग्र प्रदर्शन, CM आवास घेराव पर पुलिस से झड़प, वॉटर कैनन चला