By अभिनय आकाश | Mar 20, 2025
भारत अपनी महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान के विकास और उसे बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की योजना बना रहा है। इसके लिए एक शीर्ष स्तरीय समिति काम कर रही है, जो स्विंग-रोल मीडियम एडवांस्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के लिए स्पष्ट रणनीति और उत्पादन-सह-व्यावसायिक मॉडल विकसित करने पर काम कर रही है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली समिति, जिसमें भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल एस पी धारकर, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार और डीआरडीओ तथा एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं, अगले महीने अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
समिति विदेशी प्रौद्योगिकी सहयोग से 25 टन के एएमसीए को शक्ति प्रदान करने के लिए 110 किलोन्यूटन थ्रस्ट-क्लास इंजन के स्वदेशी विकास की योजना पर भी विचार करेगी। इसके लिए अमेरिकी जनरल इलेक्ट्रिक, फ्रेंच सफ्रान और ब्रिटिश रोल्स-रॉयस जैसी एयरो-इंजन की प्रमुख कंपनियां मैदान में हैं। नए पैनल का गठन एक अन्य रक्षा सचिव की अगुआई वाली समिति द्वारा भारतीय वायुसेना की सर्वांगीण क्षमता वृद्धि के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने के बाद किया गया था, ताकि समयबद्ध तरीके से मौजूदा परिचालन कमियों को दूर किया जा सके।