By अभिनय आकाश | Mar 16, 2026
ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की जंग 15 दिन से ज्यादा समय से चल रही है। ईरान ने स्टेट ऑफ हरमूज पर नाकेबंदी कर पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया था। यह अलग बात है कि उसने अमेरिका और इजराइल के साथ-साथ युद्ध में उसके सहयोगी देशों को छोड़कर बाकी देशों के लिए होरमूज का रास्ता खोल दिया है। जाहिर है इससे दूसरे देशों को बहुत कम आर्थिक नुकसान होगा। वैसे यह बात बार-बार सामने आती रही है कि युद्ध सिर्फ विनाश और तबाही लाता है। इससे किसी का भला नहीं होता। नुकसान ही होता है। कभी सोचा है आपने कि ट्रंप की सनक पर ईरान पर हमला करते हुए अमेरिका अब तक कितने पैसे गवा चुका होगा? पैसे का तो जो नुकसान अमेरिका को हो रहा है, सो हो ही रहा है। उसने अब तक कम से कम अपने 11 सैनिक खो दिए। युद्ध के दौरान फ्यूल भरने वाले पांच विमान भी उसके क्रैश हो चुके हैं। इन सब के अलावा वह तेहरान से लेकर इसफानम तक भी B52 बमबर से लगातार बम बरसा रहा है।
बता दें कि ओएमबी अमेरिका का प्रबंधन और बजट ऑफिस है और रसेल वाट इसके डायरेक्टर हैं। लेकिन इस खर्च और तबाही के हिसाब के बाद भी यह सवाल बचा रह जाता है कि इन सबका हासिल क्या है? शांति दूत बनने की चाह में अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप कब अशांति के दूत बन गए? इसका एहसास उन्हें आखिर कब होगा? इंसानियत की हत्या करने वाली यह जंग आखिर कब तक चलेगी?