भारत और चीन के बीच हुई 16वें दौर की बातचीत, जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों पक्ष सहमत

By अंकित सिंह | Jul 18, 2022

भारत और चीन के बीच रिश्तो में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। 2020 में एलएसी पर हुए गतिरोध के बाद से दोनों देश आमने-सामने हैं। पूर्वी लद्दाख विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच अब तक 15 दौर की बैठक हो चुकी थी। 16वें दौर की बैठक कमांडर स्तर पर 17 जुलाई को हुई। बैठक के बाद एक संयुक्त बयान भी जारी कर दिया गया है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और चीन की सेनाओं ने निकट संपर्क में रहने सैन्य और राजनयिक माध्यम से बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। बयान में कहा गया है कि जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों पक्ष सहमत हुए हैं। चीन-भारत संयुक्त बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़े मुद्दों के सकारात्मक तरीके से समाधान के लिए वार्ता जारी रखी। 

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भारतीय सेना और चीन की ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ के बीच इससे पहले 11 मार्च को वार्ता हुई थी। 15वें चरण की वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था। गौरतलब है कि भारत और चीन के सशस्त्र बलों के बीच मई, 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं। भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए अब तक कई दौर की सैन्य एवं राजनयिक वार्ता की है। दोनों पक्षों के बीच राजनयिक और सैन्य वार्ता के परिणामस्वरूप कुछ इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने का काम भी हुआ है। अभी दोनों देशों में से प्रत्येक ने एलएसी पर संवेदनशील सेक्टर में करीब 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं।

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