By अभिनय आकाश | Feb 18, 2026
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने शादी के दौरान क्रूरता के मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा “मैकेनिकल” लुक आउट सर्कुलर (LOCs) जारी करने पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे सर्कुलर किसी व्यक्ति की पर्सनल लिबर्टी को कम करते हैं और ये सर्कुलर बिना यह देखे खोले जा रहे हैं कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है या गिरफ्तारी से बच रहा है। जस्टिस के श्रीनिवास रेड्डी की बेंच ने यह बात एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जारी LOC को रद्द करते हुए कही, जिसे दुबई से आने पर विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। वह दुबई में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन के तौर पर काम करता है। वह व्यक्ति अपनी अलग रह रही पत्नी द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 (पहले इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 498-A) के सेक्शन 85 और दहेज रोकथाम एक्ट के सेक्शन 3 और 4 के तहत फाइल किए गए एक केस में कोर्ट की कार्रवाई में शामिल होने के लिए भारत लौटा था।