अब तक 17 US सैनिक मार गिराए! जॉर्डन ने ट्रंप को धोखा देकर की ईरान की मदद?

By अभिनय आकाश | Jul 20, 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर हवाई हमले किए। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाही उन अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है जो हाल के दिनों में ईरान समर्थित हमलों का शिकार हुए थे। वहीं अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए सेना ठिकानों को निशाना बनाया। इसके साथ ही पूरे पश्चिमी एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अब इस संघर्ष के पड़ोसी देशों तक फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को नष्ट करने की प्रक्रिया जिसे कंट्रोलोल्ड डिटोनेशन कहा जाता है। इसके दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इस घटना के बाद युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 

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इजराइल पहले से ही हाई अलर्ट पर है और अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर चुका है। अमेरिका ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर उसके सैनिकों या सैन्य ठिकानों पर आगे भी हमले होते हैं तो जवाबी कार्रवाई और ज्यादा तेज की जाएगी। वहीं ईरान ने भी कहा कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो वह और कड़ा जवाब देगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं। अमेरिका और ईरान दोनों ही सैन्य शक्ति के दम पर एक दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इसका पूरा असर क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। पश्चिमी एशिया में किसी भी बड़े युद्ध का असर तेल की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिलता रहा है। दुनिया के कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। लेकिन ईरान और अमेरिका दोनों ही नहीं मान रहे हैं।

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