मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पिछले 10 माह में सड़क हादसे में 196 लोगों की गई जान

By दिनेश शुक्ल | Dec 02, 2020

छतरपुर। मध्य प्रदेश के तेजी से फैलते छतरपुर जिले में वाहनों और इंसानों की बढ़ती आबादी सड़क हादसों का आंकड़ा बढ़ा रही है। वर्ष 2020 में जनवरी से लेकर अक्टूबर के बीच सिर्फ 10 महीने में ही जिले भर में विभिन्न सड़कों पर 582 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 196 लोगों की मौत हो गई, जबकि 517 लोग घायल हो गए। वर्ष 2019 में भी छतरपुर जिले में हुए हादसों के कारण 274 लोगों की मौत हुई थी। बढ़ते हादसे चिंता का कारण बन रहे हैं। सड़कों पर बेलगाम रफ्तार जानलेवा है इसलिए सावधानी रखना बेहद जरूरी है। 

वर्ष 2020 की बात करें तो कोविड काल के अप्रैल और मई महीनों को छोड़कर जनवरी से अक्टूबर तक हर महीने जिले भर में 50 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं। यातायात विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी में 67, फरवरी में 76, मार्च में 68, अप्रैल में 16, मई में 45, जून में 70, जुलाई में 56, अगस्त में 59, सितम्बर में 60 एवं अक्टूबर में 65 सड़क हादसे हुए हैं। हर महीने सड़क हादसों में लगभग 20 लोग मारे गए जबकि 50 से अधिक लोग घायल होते रहे।  

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जिले में इन सड़कों पर ज्यादा हादसे

वैसे तो सड़क हादसे जिले की तमाम सड़कों पर हो रहे हैं लेकिन यातायात पुलिस ने जिले में कुछ ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं जहां हादसों की संख्या अत्यधिक होती है। इनमें छतरपुर शहर से सटे अटरा सरकार मंदिर के समीप, महोबा रोड, खौंप तिराहा, सागर रोड पर रेलवे पुल के समीप, देरी तिराहा, ललौनी तिराहा, पन्ना रोड पर बजरंगनगर, बमीठा और कदारी के समीप, नौगांव रोड पर नवोदय विद्यालय के समीप, शहर में फब्बारा चौक, विवेकानंद तिराहा पर सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। 

 

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हादसों की मुख्य वजहें एक जैसी फिर भी लोग लापरवाह

यातायात प्रभारी नृपेन्द्र सिंह ने बताया कि ज्यादातर सड़क हादसों में उन लोगों की जान जाती है जो न तो हेलमेट लगाते हैं और न ही सीटबेल्ट बांधते हैं। हादसों के कारणों की बात करें तो इनमें तेज रफ्तार वाहन चलाना, आवारा पशुओं से टक्कर, संकेतक का पालन नहीं करना, ओवरलोड और शराब के नशे में वाहन चलाने जैसे प्रमुख कारण सामने आते हैं। 

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यातायात पुलिस क्या कर रही?

छतरपुर यातायात पुलिस के प्रभारी नृपेन्द्र सिंह ने बताया कि सड़क हादसों में आम जनता की जान बचे इसके लिए पुलिस के द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें हेलमेट लगाने और सीटबेल्ट बांधने के प्रति सजग किया जाता है इसके अलावा हमने जिले में कई ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन पर स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं साथ ही उन्हें संकेतक की मदद से प्रदर्शित भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जान बहुत कीमती है इसलिए सचेत रहकर यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाना जरूरी है। 

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