पाकिस्तान में शिविरों में घुसपैठ की फिराक में तैयार बैठे हैं 250-300 आतंकवादी: डीजीपी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 10, 2021

जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि फरवरी में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की बहाली के बाद घुसपैठ के करीब करीब थमने के बाद अब आतंकवादियों को सीमा पार धकेलने की कोशिश चल रही है तथा 250 से 300 आतंकवादी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इस पार आने के लिए वहां शिविरों में मौके की बाट जोह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के संज्ञान में 57 ऐसे मामले सामने आये हैं जहां अध्ययन के लिए वैध दस्तावेज या पर्यटक वीजा पर पाकिस्तान गये स्थानीय युवक आतंकवादी बन गये।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में 8 साल के हिंदू बच्चे को मिल सकती है मौत की सजा! ईशनिंदा के तहत दर्ज हुआ केस

पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘ दुर्भाग्य से, पिछले कुछ महीनों से विभिन्न लांच पैडों से (आतंकवादियों की) घुसपैठ फिर होने लगी है। राजौरी पुंछ में हमारे सम्मुख तीन मुठभेडें हुईं , एक नौशेरा के दादल में, दूसरी पंगाई (थनमंडी) और तीसरी बांदीपुरा में। ये सारी मुठभेड़ें घुसैपैठियों के नये समूहों के साथ हुईं और हमारे पास जानकारी है कि सीमा के उस पार गतिविधि अभी चल ही रही है एवं (भविष्य में) और ऐसे प्रयासों की संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन सुरक्षा बल इन खतरों के प्रति पूरी तरह चौकन्ने हैं और चूंकि ‘‘(पाकिस्तान की) नापाक हरकतें चल रही हैं तो हमारी सीमा सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक ढंग पर उसके विरूद्ध काम कर रही है’’, फलस्वरूप जुलाई से घुसपैठ की चार कोशिशें नाकाम कर दी गयीं।

उन्होंने कहा कि उत्तरी कश्मीर के माछिल-गुरेज सेक्टर से घुसपैठ कर आये चार आतंकवादियों का 23-24 जुलाई को बांदीपुरा में सफाया कर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि तीन से चार समूह पाकिस्तान से राजौरी पुंछ सेक्टर में आये और उनके लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि वे जुलाई और अगस्त में तीन मुठभेड़ों में बच गये। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे आकलन के हिसाब से तीन से चार समूह इस तरफ आये और उनमें से कुछ का पहले दो संपर्कों (जुलाई में नौशेरा एवं सुंदरबनी में मुठभेड़ों के दौरान) सफाया कर दिया गया। पिछले शुक्रवार को (थनमंडी में)नवीनतम मुठभेड़ में दो और आतंकवादियों का सफाया हुआ तथा अन्य दो की तलाश जारी है जो इसी समूह के सदस्य समझे जाते हैं।’’

सिंह ने कहा कि घुसपैठिये समूह में स्थानीय एवं पाकिस्तानी दोनों ही तरह के आतंकवादी थे तथा ‘‘ बांदीपुरा में दो स्थानीय एवं दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गये।’’ स्थानीय युवकों के विद्यार्थी या पर्यटक वीजा पर पाकिस्तान जाने एवं आतंकवादी बन जाने पर चिंता प्रकट करते हुए पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘ मैं समझता हूं कि पाकिस्तान में कलमों पर बंदूकों को तरजीह दी जाती है और पाकिस्तानी वीजा को सुरक्षा अनापत्ति देने में संबंधित उपायों को मजबूत करने की जरूरत है।

प्रमुख खबरें

Virender sehwag and murli kartik discussion after ipl 2026

PNB Recruitment 2026: ऑफिसर पदों के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी Eligibility और Process

Tan Removal Face Mask: Summer की Tanning से चेहरा हुआ काला? Kitchen के ये 5 Face Pack लौटाएंगे Natural Glow

Buddha Purnima 2026: 1 मई को मनाई जाएगी बुद्ध पूर्णिमा, इस दिन करें जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान