By अनन्या मिश्रा | Apr 06, 2026
भारत की करीब 60 फीसदी आबादी प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। वहीं इतने तकनीकी विकास के बाद भी अधिकतर किसान वर्षा आधारित खेती करते हैं। कई बार सूखा, तूफान, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद हो जाती है। फसल खराब होने पर इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की समस्या को मद्देनजर रखते हुए पीएम फसल बीमा योजना की शुरूआत की गई थी। जो प्राकृतिक आपदा की स्थिति होने पर किसानों को वित्तीय सहायता देती है।
इसके लिए पुडुचेरी सरकार को केंद्र की ओर से पुरस्कार भी मिला है। पुडुचेरी कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा साल 2016-2017 और 2022-2023 के दौरान किसानों के कल्याण के लिए शुरू की जाने वाली केंद्र सरकार की योजना पीएम फसल बीमा योजना को सफलतापूर्वक लागू किया है। राज्य में अब तक करीब 72,000 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। जिनमें करीब 25,000 किसान प्राकृतिक आपदाओं की वजह से प्रभावित हो चुके हैं। वहीं 25000 किसानों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 29 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।