By Ankit Jaiswal | Jul 05, 2026
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए देशभर में शोक का माहौल है। राजधानी तेहरान में आयोजित अंतिम प्रार्थना में लाखों लोग शामिल हुए, लेकिन इस दौरान एक बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी रही। अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरे समारोह में सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। उनकी गैरमौजूदगी के बाद उनकी स्थिति और सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
बता दें कि इस मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर के प्रमुख अहमद वहीदी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान सामने आए वीडियो में मसूद खामेनेई भावुक दिखाई दिए। वह अपने चेहरे से आंसू पोंछते नजर आए। उन्होंने पारंपरिक काले और सफेद रंग का स्कार्फ पहन रखा था, जिसे ईरान में क्रांतिकारी विचारों और फलस्तीनी जनता के प्रति समर्थन का प्रतीक माना जाता है।
गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई का ताबूत ईरानी राष्ट्रीय ध्वज से ढका हुआ था और उसके ऊपर काली पगड़ी रखी गई थी। उनके ताबूत के साथ उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के ताबूत भी रखे गए थे, जिनकी हालिया हमलों में मृत्यु हुई थी। इनमें उनकी एक शिशु पोती भी शामिल बताई गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेंगी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम दो देशों के पांच अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं। ईरानी प्रशासन ने यह भी योजना बनाई है कि अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को पड़ोसी इराक के कुछ प्रमुख शिया धार्मिक स्थलों पर भी ले जाया जाएगा, जहां श्रद्धांजलि दी जाएगी।
सोमवार को उनके ताबूत को तेहरान की सड़कों से अंतिम यात्रा के रूप में ले जाने की तैयारी की गई है। इसके बाद पार्थिव शरीर को अन्य शहरों में भी ले जाया जाएगा। शोक कार्यक्रमों के कारण राजधानी की कई सड़कों को बंद कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र पर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बता दें कि अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया नौ जुलाई को समाप्त होगी। उसी दिन अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यह स्थान शिया समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।
हालांकि मोजतबा खामेनेई अब तक किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं, लेकिन कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह अंतिम चरण की रस्मों में शामिल हो सकते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े दो अधिकारियों ने बताया है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार के कम से कम कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं।
बताया जा रहा है कि वह मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार के दौरान स्वयं अपने पिता के लिए अंतिम प्रार्थना पढ़ना चाहते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए उनकी मौजूदगी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।