Sachin Tendulkar का 35 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त, 15 की उम्र में Team India के लिए Vaibhav Suryavanshi ने रचा इतिहास।

By Ankit Jaiswal | Jul 05, 2026

भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा मिल गया है। महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करते हुए इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े रिकॉर्ड में से एक अपने नाम कर लिया।

बता दें कि इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला शुरू होने से पहले भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की टोपी सौंपी। वह भारत की पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के 122वें खिलाड़ी भी बन गए हैं। इस मौके ने भारतीय क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है।

मुकाबले से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई है। श्रेयस के अनुसार वैभव दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते और आने वाले मुकाबलों की चुनौतियों को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारियों को संभालने में सक्षम हैं।

गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने पिछले वर्ष इंडियन प्रीमियर लीग में केवल 35 गेंदों में शतक लगाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसके बाद इस वर्ष भी उनका बल्ला जमकर बोला। वह प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उनका प्रहार करने का औसत 237 से अधिक रहा। इतना ही नहीं, उन्होंने पूरे सत्र में 72 छक्के लगाकर प्रतियोगिता का नया रिकॉर्ड भी बनाया।

उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में चयन की मांग तेज हो गई थी। हालांकि चयनकर्ताओं ने जल्दबाजी नहीं दिखाई और मार्च में 15 वर्ष पूरे होने के बाद ही उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया। आयरलैंड के खिलाफ दो मुकाबलों में उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला और उस श्रृंखला में भारत को अप्रत्याशित रूप से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के दूसरे मुकाबले में आखिरकार वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिला। पहला मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त होने के कारण श्रृंखला 0-0 से बराबरी पर थी। ऐसे में दूसरे मुकाबले का महत्व और भी बढ़ गया था।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और वैभव सूर्यवंशी को पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने शुरुआत में आत्मविश्वास दिखाते हुए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की गेंदों पर एक-एक शानदार छक्का लगाया। हालांकि तेज शुरुआत के बाद वह बड़ा स्कोर नहीं बना सके। विल जैक्स की गेंद पर आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह स्टंप आउट हो गए। उन्होंने 10 गेंदों में 14 रन की पारी खेली।

हालांकि अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वैभव बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज के साथ उन्होंने शुरुआत की, उससे साफ है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल गया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी तरह मेहनत और निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।

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