By दिव्यांशी भदौरिया | Jul 21, 2026
बरसात का मौसम गर्मी से राहत पहुंचाता है। यह मौसम काफी सुहावना होता और हर तरफ हरियाली होती है। गौरतलब है कि बारिश के दौरान गाड़ी चलाना काफी मुश्किल होता है और कई बार यह जोखिम भऱा भी हो सकता है।
वाइपर ब्लेड्स और विंडशील्ड
तेज बरसात के दौरान रास्ता साफ दिखना काफी जरुरी होता है। अक्सर गर्मी के कारण वाइपर का रबड़ कट जाता है या सख्त हो जाता है। ऐसे में आप गीले कांच पर वाइपर चलाकर देख सकते हैं। यदि निशान छूट रहे हैं या कोई आवाज आ रही है, तो ब्लेड तुरंत बदलें।
टायरों की ग्रिप और प्रेशर
असल में भीगी हुई सड़कों पर गाड़ी की पकड़ टायरों की ग्रिप पर निर्भर करती है। घिसे टायरोों से गाड़ी पानी पर फिसलने लगती है। ऐसे में टायरों की गहराई यानी ट्रेड डेप्थ कम से कम 3 मिमी होनी चाहिए। अगर आप ठंडा होने पर ही टायरों का प्रेशर चेक करना चाहिए। वहीं, व्हील एलाइनमेंट कराएं और स्टेपनी की स्थिति जरुर देखें।
ब्रेकिंग सिस्टम की जांच
मानसून के दौरान गाड़ी के ब्रेक को 30-40% अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में ब्रेक लगाते समय कोई आवाज आ रही है, तो मैकेनिक को जरुर दिखाएं। आप ब्रेक पैड्स 3 मिमी से पतले हों तो चेंज कराएं। इसके साथ ही ब्रेक ऑयल का रंग गंदा या धुंधला दिखे तो इसे फ्लश करके नया डलवा सकते हैं।
हेडलाइट्स और फॉग लैम्प्स
भारी बारिश में दिखना काफी कम हो जाता है, अच्छी लाइट्स से क्लियर रास्ता दिखाई देता है, बल्कि दूसरों को भी आपकी गाड़ी आसानी से नजर आती है। ऐसे में लो-बीम, हाई-बीम, इंडिकेटर्स, ब्रेक लाइट्स और फॉग लैम्प्स चलाकर चारों तरफ घूमकर चेक करें।
कार की बैटरी
दरअसल, बरसात के समय वाइपर, एसी, डिफॉगर और लाइट्स एक साथ उपयोग से भी बैटरी पर काफी लोड पड़ता है। अगर आपकी बैटरी 3 साल से पुरानी है तो उसका वोल्टेज और लोड टेस्ट जरुर कराएं। बैटरी टर्मिनल्स पर जमी नीली या सफेद फफूंद को साफ जरुर करें।