By दिव्यांशी भदौरिया | Apr 19, 2026
आज यानी 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उदेश्य है लिवर से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरुकता फैलाना, शुरुआती पहचान को बढ़ावा देना और लिवर के हेल्थ के लिए प्रति लोगों को सचेत करना है। इस साल की थीम है "सॉलिड हैबिट्स, स्ट्रांग लिवर" जिसका मतलब है कि मजबूत आदतें, स्वस्थ लिवर है। भारत में लिवर की बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। सबसे डराने वाली बात तो यह है कि लिवर की बीमारी के लक्षण तब तक सामने नहीं आते, जब तक कि स्थिति बहुत गंभीर न हो जाए। इसी वजह से लिवर की बीमारियां जल्दी पता नहीं चलती है। हालांकि, कुछ संकतों पर ध्यान देने से बीमारी का पता चल जाता है। आइए आपको इन संकेतों के बारे में बताते हैं।
अगर आपको सबसे ज्यादा थकान महसूस होती है तो इसका पहला संकेत यही होता है। जब लिवर ठीक से कम नहीं करता है, तो ब्लड में टॉक्सिंस जमा होने लगते हैं। इससे दिमाग की काम करने की क्षमता और शरीर की एनर्जी प्राभिवत होती है।
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना
जब लिवर बिलीरुबिन को ठीक तरह से संभाल नहीं पाता, तो यह शरीर में इकट्ठा होने लगता है। इसके कारण त्वचा और आंखों में पीला रंग दिखाई देने लगता है, जिसे पीलिया का संकेत माना जाता है। आमतौर पर लोग इसी बदलाव को देखकर डॉक्टर से सलाह लेते हैं, लेकिन कई बार तब तक समस्या काफी गंभीर रूप ले चुकी होती है।
भूख में कमी और वजन का अचानक गिरना
अक्सर पाया जाता है कि लिवर खराब होने पर पाचन तंत्र पर सीधा असर दिखने लगता है। भारत की 9% से 32% आबादी फैटी लिवर से परेशान है। आज की जनरेशन में भी भूख लगने जैसे लक्षण आम होते जा रहे हैं, जो लिवर का समस्या का बड़ा संकेत है।
पेट में दर्द या सूजन
पेट में तरल पदार्थ का जमा होना इस बात का संकेत होता है कि लिवर बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। भारत में सिरोसिस के मामलों का एक बड़ा कारण अत्यधिक शराब का सेवन माना जाता है, जिसके चलते पेट फूलने और सूजन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
गहरे रंग का पेशाब और हल्का मल
यदि आपके पेशाब का रंग गहरा है और मल का रंग असामान्य रुप से हल्का है, तो यह बाइल के फ्लो में समस्या का संकेत हो सकता है। कई लोग इसे सिर्फ डिहाइड्रेशन समझकर इंग्नोर कर दते हैं, जो बाद में दिक्कत दे सकता है।
आसानी से चोट लगना या ब्लीडिंग होना
लिवर शरीर में खून को जमाने वाले जरूरी तत्व तैयार करता है। जब यह अंग कमजोर पड़ जाता है, तो छोटी-सी चोट लगने पर भी अधिक रक्तस्राव होने लगता है या शरीर पर आसानी से नीले निशान उभर आते हैं। कई शोधों के अनुसार, भारत में अनेक लोगों को सिरोसिस की जानकारी तब मिलती है, जब उन्हें खून बहने जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।
त्वचा पर खुजली होना
अगर बिना किसी रैशेज या दाने के शरीर पर खुजली होना लिवर की बीमारी का एक छिपा हुआ लक्षण हो सकता है। यह त्वचा के नीचे बाइल सॉल्ट्स जमा होने के कारण होता है, जिसे लोग अक्सर सामान्य त्वचा समझते हैं।
समय पर पहचान है जरूरी
आपको बता दें कि, लिवर अचानक से फेल नहीं होता बल्कि यह धीरे-धीरे खराब होता है और अक्सर इसमें दर्द भी नहीं होता है। इसलिए समय रहते हुए लिवर की बीमारियों के लक्षणों की पहचान करना बेहद जरुरी है।