By अभिनय आकाश | Aug 24, 2026
पीओजेके जिसे पाकिस्तान अपना हिस्सा कहता है। आज वहां की आवाम के लिए एक खुली जेल बन चुका है। सड़कों पर खौफ है और घरों में मातम है। पाकिस्तानी सेना का क्रूर दमन चक्र अपनी सारी हदें पार कर चुका है। लेकिन क्या पाकिस्तान का पाप का घड़ा भर गया है? दरअसल पिछले कुछ महीनों में पीओजे की स्थिति नरक से भी बदतर हो गई है। जिस क्षेत्र को शांति का टापू होना चाहिए था उसे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कसाई खाना बना दिया है। यहां विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार जो दमन चक्र चलाया गया है वह अभूतपूर्व है। सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। कई ऐसे युवा हैं जो अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं लेकिन उन्हें पाकिस्तानी सेना की गोलियों का सामना करना पड़ा। पूरे इलाके में कर्फ्यू हो, सख्त नाकेबंदी है और सबसे बड़ी बात वहां कम्युनिकेशन ब्लैकआउट लागू है। इंटरनेट बंद है, फोन लाइनें काट दी गई है।
पीओजेके में जो हो रहा है वह किसी भी लोकतंत्र या सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। ब्रिटिश सांसदों ने अपनी चिट्ठी में कुछ बेहद गंभीर मुद्दे उठाए हैं। पहला मुद्दा है अवैध गिरफ्तारियां। पाकिस्तानी एजेंसियां रात के अंधेरे में लोगों को घरों से उठा रही हैं। दूसरा है दवा और भोजन की कमी। नाकेबंदी की वजह से चिकित्सा उपकरणों, जीवन रक्षक दवाओं और भोजन की भारी किल्लत हो गई है। लोग इलाज अभाव में दम तोड़ रहे हैं। और तीसरा पॉइंट है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार। जो कोई भी सेना के खिलाफ बोलता है उसे गद्दार घोषित कर दिया जाता है या उसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया जाता है।