Maharashtra Government का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मचारियों के लिए 70 साल पुरानी Mandatory Hindi Exam खत्म

By अभिनय आकाश | Sep 02, 2026

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए 70 साल से चली आ रही अनिवार्य हिंदी भाषा परीक्षा को रद्द करने का आधिकारिक फ़ैसला किया है। हिंदी में दक्षता की यह परीक्षा 1950 के दशक से लागू थी। सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र आधिकारिक भाषा अधिनियम के तहत हिंदी परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र के गठन के बाद से ही सारा सरकारी कामकाज मराठी में होता रहा है। सरकार ने एक अधिसूचना में कहा, "महाराष्ट्र आधिकारिक भाषा अधिनियम के प्रावधानों और सरकारी कामकाज के मौजूदा स्वरूप को देखते हुए, हिंदी भाषा परीक्षा की अनिवार्यता को जारी रखना उचित नहीं है। सरकारी कामकाज में हिंदी का इस्तेमाल न के बराबर है, और केंद्र सरकार तथा अन्य राज्यों के साथ पत्राचार मुख्य रूप से अंग्रेज़ी में किया जाता है। सरकार ने कहा कि यह नया सरकारी प्रस्ताव (GR) इस विषय पर जारी सभी पिछले GR, परिपत्रों और आदेशों की जगह लेगा।

मई में परीक्षा पर रोक लगा दी गई थी

यह परीक्षा साल में दो बार होती थी और इसमें लगभग 2,000 से 2,500 कर्मचारी शामिल होते थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS), शिवसेना (UBT) और मराठी भाषा के कार्यकर्ताओं ने इस परीक्षा का कड़ा विरोध किया था और आंदोलन शुरू करने की धमकी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंदी थोपने की कोशिश थी। मई में महाराष्ट्र सरकार में उद्योग और मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने 28 जून को होने वाली परीक्षा पर रोक लगा दी थी।

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