By अभिनय आकाश | Nov 12, 2025
दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को वह विज्ञापन प्रसारित करने से रोक दिया है, जिसमें अन्य च्यवनप्राश को 'धोखा' बताया गया था। अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद को निर्देश दिया कि वह 1तीन दिन में सभी इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडियम से इस विज्ञापन को हटाए। हाई कोर्ट ने कहा, विज्ञापन के जरिए यह संदेश देना कि सिर्फ पतंजलि का ही प्रोडक्ड असली है और दूसरे धोखा है, यह गलत है और सामान्य तौर च्यवनप्राश की सभी कैटिगरी को बदनाम करता है।