Global Weekly | Trump-XI के बीच 90 मिनट की फोन कॉल, तियानमेन स्क्वायर नरसंहार के 36 साल, क्या है चीन का 5 ईयर प्लान

By अभिनय आकाश | Jun 07, 2025

अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिहाज से ये सप्ताह चीन से जुड़े मामले को लेकर सुर्खियों में रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फोन कॉल हुई। टैरिफ वॉर के बाद अमेरिका और चीन के रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पिछले सप्ताह कहा था कि चर्चा "ठप" हो गई है, जैसा कि हमने अपने ट्रैकर में बताया है, और जल्द ही बातचीत हो सकती है। हाल ही में चीन द्वारा दुर्लभ खनिजों पर निर्यात नियंत्रण लगाए जाने को देखते हुए भी यह महत्वपूर्ण है, जो ऑटोमोबाइल से लेकर रक्षा तक के वैश्विक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि प्रतिबंधों की घोषणा अप्रैल में की गई थी, लेकिन इसका असर आखिरकार महसूस किया जा रहा है, क्योंकि कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ रही है।

चीन और अमेरिका टैरिफ पर बातचीत के लिए सहमत हो गए हैं। यह बात अमेरिका की राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वातचीत के बाद कही। दोनों देशों ने यह बातचीत ऐसे समय में बीच टैरिफ वार्ता ठप होने से वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल मची हुई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने भी इस बातचीत की पुष्टि की और कहा कि ट्रंप ने ही बातचीत की पहल की थी। ट्रंप ने एक दिन पहले ही कहा था कि शी जिनपिंग बहुत सख्त हैं और उनके साथ किसी समझौते पर पहुंचना मुश्किल है। रूस में क्रेमलिन (संसद) अधिकारी यूरी उषाकोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया फोन वार्ता में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव पर भी चर्चा हुई। रूसी एजेंसी 'तास' के अनुसार, ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने हस्तक्षेप से संघर्ष को टालने में भूमिका निभाई, हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि संघर्षविराम दोनों देशों के डीजीएमओ के स्तर पर हुई बातचीत का नतीजा था। इस बीच, पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहयोगी ने भी सैयद तारिक फातमी ने रूस से भारत-पाक वार्ता में मदद की अपील की है।  

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रेयर अर्थ मिनरल पर सहमति

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने रेयर-अर्थ उत्पादों के मुद्दे से जुड़ी जटिलता" सुलझा ली है। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार यह फ़ोन-कॉल ट्रम्प के अनुरोध पर की गयी। मीडिया का कहना है कि शी ने ट्रम्प से अर्थव्यवस्था को हिला देने वाले अपने व्यापार उपाय वापस लेने की माँग की।

फाइव ईयर प्लान पर काम कर रहा चीन

पीपुल्स डेली ने बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अपनी अगली पंचवर्षीय योजना के लिए ऑनलाइन सार्वजनिक परामर्श शुरू किया है। 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-30) प्रमुख रणनीतिक दस्तावेजों की श्रृंखला में अगली होगी। सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि पहली पंचवर्षीय योजना (1953-57) में भारी उद्योग और औद्योगीकरण पर जोर दिया गया था, सातवीं पंचवर्षीय योजना (1986-1990) का उद्देश्य बुनियादी निर्वाह आवश्यकताओं को हल करना था, और 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) चीन द्वारा सभी मामलों में एक मध्यम समृद्ध समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल करने के बाद शुरू की गई, जो उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर केंद्रित थी।

तियानमेन स्क्वायर पर अमेरिका के बयान से भड़का ड्रैगन

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 1989 के तियानमेन स्क्वायर विरोध प्रदर्शनों की याद दिलाई। बयान में चीनी लोगों की बहादुरी की बात की गई, जो अपनी मौलिक स्वतंत्रता का प्रयोग करने की कोशिश करते हुए मारे गए और कहा कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र और स्वशासन केवल अमेरिकी सिद्धांत नहीं हैं। चीन ने रुबियो के बयान पर गुस्सा जताते हुए इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताया है। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंगते ने भी 36 साल पहले हुई इस घटना को हमेशा यादों में रखने की बात कही है। चीन ने रुबियो के साथ-साथ ताइवान के राष्ट्रपति के बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई है।

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