By अभिनय आकाश | Jul 07, 2025
ब्राजील में आयोजित की गई ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत देख डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका बौखला गए हैं। मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान एक खेल कर दिया जो इतना बड़ा है कि अमेरिका सदियों तक भूल नहीं पाएगा। पीएम मोदी की एक मीटिंग की तस्वीर देख अमेरिका भी हैरान रह गया है। आपको याद होगा कि पिछले महीने ही पाकिस्तान के फेल्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाया था। पाक सेना प्रमुख को लंच पर बुलाकर ट्रंप सोच रहे थे कि उन्होंने बहुत बड़ा कूटनीतिक दांव चल दिया है। लेकिन अब पीएम मोदी ने तो अमेरिका के पैरों तले जमीन खिसकाने वाला काम कर दिया है। पीएम मोदी ने जिस शख्स के साथ मीटिंग की वो अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाात है। पीएम मोदी ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल बरमूडेज से मुलाकात की है। आपको बता दें कि क्यूबा वो देश है, जिसे अमेरिका अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है।
पीएम मोदी और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडेज ने रविवार को 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक बैठक के दौरान औषधि क्षेत्र, जैव प्रौद्योगिकी, पारंपरिक चिकित्सा और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने आयुर्वेद, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई), आपदा प्रबंधन और दक्षता विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, महामारी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों सहित उन मुद्दों पर काम करने पर सहमति व्यक्त की जो ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए चिंता का विषय हैं।इसमें कहा गया कि उन्होंने बहुपक्षीय क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की सराहना की।
‘ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है, जो प्रौद्योगिकी और सामाजिक विकास के मामले में कम विकसित माने जाते हैं। ये देश मुख्यतः दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित हैं। इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देश शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बरमूडेज से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, जैव प्रौद्योगिकी, औषधि, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एवं यूपीआई, आपदा प्रबंधन और दक्षता विकास के क्षेत्रों सहित भारत-क्यूबा संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।