Sri Banke Bihari Temple: Banke Bihari जाने का Plan है तो रुकें, New Year Rush के चलते प्रशासन ने जारी की ये Special Advisory

By अनन्या मिश्रा | Feb 05, 2026

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए इस समय हजारों लोग निकल रहे हैं। वहीं कई लोग नए साल के मौके पर मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं। नए साल की शुरूआत बांके बिहारी के दर्शन से हो जाए, तो इससे अच्छा और क्या होगा। वहीं प्रशासन ने भक्तों की सुरक्षा को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। वहीं साल के अंत में वंदावन में जिस तरह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है, ऐसे में लोगों से यह अपील की जा रही है कि नए साल में बांके बिहारी के मंदिर आने से बचें।

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जारी हुई एडवाइजरी

बता दें कि प्रशासन ने 29 दिसंबर से लेकर 05 जनवरी तक भक्तों को मंदिर न आने के लिए अपील किया था। हर साल नए साल के मौके पर लाखों की संख्या में भक्त बांके बिहारी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर में भीड़ बढ़ने की अधिक उम्मीद है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि जब ज्यादा जरूरी हो, तभी मंदिर आएं। मथुरा पुलिस ने भक्तों से अपील करते हुए कहा है कि रोजाना 4-5 लाख भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं। ऐसे में 31 दिसंबर से लेकर 01 जनवरी तक श्रद्धालुओं की संख्या अधिक बढ़ सकती है।

वृद्धों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए ऐसी भीड़ में आना सुरक्षित नहीं है। क्योंकि इस दौरान ट्रैफिक भी अधिक है, इसलिए प्रयास करें कि इन भीड़भाड़ वाले दिनों में न आएं।

भीड़ में आने पर क्या होगा

मंदिर परिसर छोटा है, ऐसे में यहां पर एक साथ लाखों लोग दर्शन नहीं कर सकते हैं। हालांकि दर्शन की इच्छा में लोग आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं, जिस कारण धक्का-मुक्की और दबाव महसूस हो सकता है। कमजोर और अस्वस्थ लोगों के लिए ऐसे समय में दर्शन के लिए आना सुरक्षित नहीं है।

भीड़ अधिक होने के कारण भक्तों को बांके बिहारी के दर्शन भी ठीक तरह से नहीं हो पाते हैं। क्योंकि वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मी लगातार लोगों को आगे बढ़ाते रहते हैं। भीड़ अधिक होती है, इसलिए आपको कुछ सेकेंड भी बांके बिहारी के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो पाने तक का भी मौका नहीं मिल पाता है। घूमने के लिए यह काफी अच्छा है, लेकिन आपको अभी इंतजार करना चाहिए।

उमस, गर्मी या धक्का लगने से चक्कर, थकान या घबराहट जैसी समस्याएं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक हो सकती है। इसलिए ऐसे लोगों की भीड़ वाले समय से बचने की सलाह दी जाती है।

इस दौरान पर्स, मोबाइल, चश्मा या जूते खोने की घटनाएं भी सामने आती हैं। मंदिर के नियमों के हिसाब से कई चीजों को मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती है।

मंदिर परिसर अपेक्षाकृत छोटा है, ऐसे में दर्शन की इच्छा में लोग आने बढ़ने का प्रयास करते हैं। तो इस दौरान आपको धक्का-मुक्की और दबाव महसूस हो सकता है। भीड़ अधिक होने पर सुरक्षाकर्मी लोगों को आगे बढ़ाते रहते हैं, जिससे दर्शन का कम समय मिल पाता है।

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