By विजयेन्दर शर्मा | Jul 30, 2021
शिमला। कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने और स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी की कार्यकारिणी समिति ने 24110.40 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में कोविड पॉजिटिव मामलों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की खरीद, बफर स्टॉक के रखरखाव और आवश्यक दवाओं के प्रबंधन के लिए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं और निदेशक, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को 12 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
राज्य में टेली-मेडिसिन को मजबूत करने की दृष्टि से, मेडिकल कॉलेजों में दो अतिरिक्त हब बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए 43.42 लाख रुपये का प्रस्ताव किया गया है। बाल चिकित्सा कोविड-19 प्रबंधन, आईटी हस्तक्षेप और व्यवसासियों के सीएमई पर क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के लिए 96.94 लाख रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है। इन प्रस्तावों को मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।हर 15 दिन में दें प्रगति रिपोर्ट: सुरेश भारद्वाजशिमला 30 जुलाई00शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज सचिवालय में शिमला स्मार्ट सिटी, वन, लोक निर्माण, केंद्रीय लोक निर्माण और अन्य भागीदार विभागों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से स्मार्ट सिटी के लम्बित कार्यों को लेकर चर्चा हुई। शिमला स्मार्ट सिटी के 6 कार्यों के लिए वन विभाग की स्वीकृति की आवश्यकता है और 10 प्रकल्पों में पेड़ काटने की अनुमति मांगी गयी है।सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी का लक्ष्य शिमला शहर को विकसित करना और आधुनिक बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन से सम्बन्धित मामलों को शीघ्र निपटाया जाए और औपचारिकताएं भी समयबद्ध पूरी की जाएं। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि अब वन स्वीकृति के लिए देहरादून कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। शिमला में कार्यालय खुलने से इन मामलों के निदान में तेजी लाई जानी चाहिए।
उन्होंने विभागों से मामलों को सम्बंधित विभाग के साथ समयबद्ध उठाने, कार्य शीघ्र पूरा करने और हर 15 दिन के बाद उन्हें प्रगति रिपोर्ट प्रदान करने के निर्देश दिए। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि रिज की मरम्मत, लक्कर बाजार से रिज के लिए एसकेलेटर, संजौली से आईजीएमसी के लिए स्मार्ट पाथ शहर के विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सभी सम्बंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्य आरम्भ करें।बैठक में शहरी विकास विभाग के निदेशक मनमोहन शर्मा, स्मार्ट सिटी शिमला के महाप्रबंधक तकनीकी नितिन गर्ग, वन विभाग, नगर निगम व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।