By अभिनय आकाश | Jun 27, 2026
ईरान ने 40 दिनों की जंग और कुर्बानियों के बाद वो हासिल किया है जो अब उसकी बादशाहत को लंबे वक्त तक बनाए रखेगा। इतना ही नहीं अरब देशों को किसी ना किसी तौर पर फारस पर डिपेंड होना पड़ेगा। फारस से संपर्क करना, रिश्ता कायम करना पड़ेगा। और तो और इजराइल के हाथ बांधने और उसे खौफजदा रखने का पूरा इंतजाम भी इस बार होने जा रहा है। सऊदी, पाकिस्तान तो साथ आ गए हैं। ईरान इशारे दे रहा है कि तुर्की, मिस्र, कतर ये सब मिलकर इतना मजबूत अलायंस बना सकते हैं कि पिछली बार की तरह इजराइल की कतर पर अटैक की हिम्मत ही ना पड़े। या लेबनान की तरफ देखने से पहले वो 10 बार सोचे। गौरतलब है कि इजराइल ने कतर में मौजूद हमास की पॉलिटिकल लीडरशिप को निशाना बनाने के लिए सीधा हमला कर दिया था। लेकिन अब प्रेसिडेंट के इशारे के बाद एक और अमीर मुस्लिम अरब देश कतर ने भी एक कदम आगे बढ़ाया है।
जानकार कहते हैं कि इस जंग का सबसे बड़ा हासिल भी यही है कि जो ईरान पहले दुनिया में अपना सामान ना बेच पाता था, ना खरीद पाता था। अब वह दोनों चीजें कर पाएगा। पड़ोसी देशों के साथ एक सिक्योरिटी एलायंस में आएगा। जानकार यह भी कहते हैं कि मिडिल ईस्ट का यह सिक्योरिटी एलायंस अगर बन गया तो इजरायल को बहुत भारी पड़ने वाला है। वैसे भी अमेरिका के बिना इजरायल एकदम तन्हा हो जाता है। कोई उसे पूछता नहीं है। अब देखना होगा कि ईरान और अरब देशों का यह गठबंधन कितनी जल्दी अपना स्वरूप ले पाता है। क्या ईरान फिर से स्टेट ऑफ होर्मुज पर अपना दबदबा दिखाने लगा है? क्या एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ने वाला है? दरअसल होर्मुज के पास एक कंटेनर जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है। अमेरिकी मीडिया का दावा है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है। हमले के बाद ईरान ने जहाजों के लिए नई चेतावनी जारी कर दी है। जबकि संयुक्त राष्ट्र ने फंसे हुए नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया है। दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में से एक स्टेट ऑफ होर्मुज सुर्खियों में है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स और अमेरिकी मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज पर ड्रोन हमला किया गया। दावा किया गया कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है। हालांकि ईरान ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। तुरंत बाद ईरान की समुद्री एजेंसी पर्शियन गल्फ स्ट्रीट अथॉरिटी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जो जहाज उनके तय किए गए समुद्री नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनकी सुरक्षित यात्रा की कोई गारंटी नहीं होगी। यानी ईरान ने संकेत दिया है कि होर्मुज में उसकी निगरानी और नियंत्रण जारी रहेगा। के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरिटाइम [संगीत] ऑर्गेनाइजेशन आईएमओ ने बड़ा फैसला लिया है। युद्ध के कारण फंसे हुए करीब 600 जहाजों और उनके क्रू को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए पहले पूरी समीक्षा की जाएगी। ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
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