By रेनू तिवारी | Jan 13, 2026
चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गई है। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में ईडी अधिकारियों के खिलाफ 'जबरन प्रवेश' और 'दस्तावेजों की चोरी' के आरोपों की जांच तेज कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने अब जैन के पड़ोसियों के बयान दर्ज करने का फैसला किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने तलाशी के किसी भी हिस्से को या ईडी अधिकारियों द्वारा लाउडन स्ट्रीट स्थित इमारत में प्रवेश करने के तरीके को देखा था।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि जांच का दायरा अब ईडी अधिकारियों की पहचान की पुष्टि और उनके प्रवेश करने के तरीके पर केंद्रित है।
पहचान की पुष्टि: पुलिस वर्तमान में उन ईडी अधिकारियों की आधिकारिक पहचान सत्यापित कर रही है जिन्होंने लाउडन स्ट्रीट स्थित परिसर में तलाशी ली थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन: जांचकर्ताओं के अनुसार, आवासीय परिसर के सुरक्षा रजिस्टर में किसी भी ईडी अधिकारी का नाम दर्ज नहीं है। आरोप है कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने मानक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।
जबरन प्रवेश का दावा: पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि ईडी अधिकारियों ने कथित तौर पर सुरक्षा गार्डों को धक्का देकर परिसर में प्रवेश किया और उनके मोबाइल फोन जबरन छीन लिए।
उन्होंने बताया कि कई निवासियों को पहले ही नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने कहा, हम जानना चाहते हैं कि निवासियों और पड़ोसियों ने उस सुबह क्या देखा। घटनाक्रम को समझने के लिए उनके बयान बेहद महत्वपूर्ण हैं। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आवासीय परिसर के सुरक्षा रजिस्टर में ईडी अधिकारियों के नाम दर्ज नहीं हैं।
जांचकर्ताओं को ऐसे संकेत मिले हैं कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने कथित तौर पर मानक प्रवेश प्रक्रियाओं का पालन किए बिना सुरक्षा गार्डों को धक्का देकर परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि यह भी दावा किया गया है कि ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन जबरन छीन लिए गए थे। बृहस्पतिवार सुबह ईडी के अधिकारियों ने लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी ली।
खबर फैलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल आई थीं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि पार्टी से संबंधित संवेदनशील चुनावी दस्तावेज जैन के आवास और आई-पैक के सेक्टर वी कार्यालय में रखे गए थे, और ये छापे के दौरान चोरी हो गए।
बृहस्पतिवार सुबह हुई इस छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद घटनास्थल पर पहुंची थीं। उन्होंने केंद्र सरकार और ईडी पर गंभीर आरोप लगाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने का कि "पार्टी से संबंधित अत्यंत संवेदनशील चुनावी दस्तावेज प्रतीक जैन के आवास और आई-पैक के सेक्टर वी (Sector V) कार्यालय में रखे गए थे। हमें अंदेशा है कि छापे के बहाने ये महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए गए हैं।"