By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 11, 2022
शिंदे और शिवसेना के 55 विधायकों में से 39 के विद्रोह के कारण इस साल जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार गिर गई थी। आदित्य ने कहा, ‘‘उन्होंने (विद्रोही) हमारे सहयोगियों (राकांपा और कांग्रेस) पर उनकी राजनीतिक किस्मत तबाह करने का आरोप लगाया। उन्होंने हिंदुत्व के बारे में बात की...कल वे मुझे हर दिन नीली शर्ट पहनने के लिए दोषी ठहरा सकते हैं।’’ उन्होंने शिंदे खेमे और एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)को तुरंत चुनाव का सामना करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘‘आइये अब बीएमसी चुनाव का सामना करते हैं, कोई बात नहीं। इस्तीफा दें और चुनाव का सामना करें। हम जनता के जनादेश को स्वीकार करेंगे। मुंबईकरों को पता है कि हमने कोविड-19 महामारी के दौरान शहर के लिए क्या किया है।’’ भाजपा ने आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए शिवसेना के खिलाफ एक आक्रामक प्रचार अभियान शुरू किया है। शिवसेना दो दशकों से अधिक समय से नगर निकाय में शासन में है। तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार द्वारा किए गए कार्यों को सूचीबद्ध करते हुए, आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘‘मुंबई में हिंदमाता क्षेत्र और गांधी बाजार क्षेत्र में हमारे वर्षा जल संचयन कार्य के कारण बाढ़ नहीं आई। यह बीएमसी के लिए भी गर्व का पल है।’’ उन्होंने कहा कि मुंबई की प्रगति दर की तुलना शंघाई या सिंगापुर से नहीं की जानी चाहिए।