Satya Niketan हादसे में AAP नेता Saurabh Bhardwaj का गंभीर आरोप, बचाव कार्य में Mobile Jammers का हुआ इस्तेमाल

By अभिनय आकाश | Sep 08, 2026

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग वाली जगह पर मोबाइल फ़ोन जैमर लगाया गया था, ताकि वहाँ फँसे छात्र और स्थानीय लोग घटना की जानकारी बाहर न दे पाएँ और हताहतों की संख्या छिपाई जा सके। मंगलवार को ANI से बात करते हुए दिल्ली AAP के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, "जब मोबाइल सिग्नल ही जैम कर दिए गए हों, तो मलबे के बीच फँसा कोई व्यक्ति मदद के लिए कैसे कॉल करेगा? सत्य निकेतन में PG छात्रों की बिल्डिंग पर मोबाइल जैमर लगाने का आदेश किसने दिया? दिल्ली के बीचों-बीच पहुँचने में NDRF को 2-3 घंटे क्यों लगे? सरकारी एम्बुलेंस दो घंटे देरी से क्यों आईं? क्या दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र इस मामले को उठाएँगे?" उन्होंने आरोप लगाया, "अक्सर बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं में देखा जाता है कि मलबे के नीचे फँसे लोग अपने रिश्तेदारों को कॉल करते हैं, अपनी लोकेशन बताते हैं और मदद माँगते हैं। लेकिन सत्य निकेतन हादसे की चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन का पहला कदम मोबाइल सिग्नल जैम करना था। वहाँ जैमर लगाए गए थे, जिसकी वजह से न तो स्थानीय निवासी एम्बुलेंस बुला पाए या मदद माँग पाए, और न ही मलबे के नीचे फँसा कोई व्यक्ति किसी से संपर्क कर पाया।

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हादसों में, लोग कभी-कभी मलबे के अंदर ज़िंदा बच जाते हैं और मदद या बचाव के लिए फ़ोन कर सकते हैं। लेकिन बीजेपी सरकार ने जैमर लगाकर यह रास्ता भी बंद कर दिया। ऐसा सिर्फ़ इसलिए किया गया ताकि मलबे में फँसे बच्चे अपने जानने वालों को फ़ोन न कर पाएँ और बाहरी दुनिया को यह पता न चले कि असल में कितने लोग फँसे हुए हैं। यह कितनी बेरहम सरकार है। आज लोग दिल्ली पुलिस से नफ़रत करते हैं।

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