Delhi Metro का Phone Sticking Trend क्या है? जानिए वायरल रील के पीछे की कहानी

By एकता | Sep 08, 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा रील ट्रेंड वायरल हो रहा है, जिसे देखकर पहली नजर में किसी की भी सांस अटक सकती है। वीडियो में एक शख्स मेट्रो की खिड़की पर अपना महंगा मोबाइल चिपका देता है और उसके सामने डांस या कोई मजेदार एक्ट करने लगता है। तभी मेट्रो चल पड़ती है और वह शख्स मोबाइल को बचाने के लिए उसके पीछे भागता हुआ नजर आता है।

मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल कैसे चिपकाते हैं?

ऐसी रील बनाने के लिए क्रिएटर अक्सर सक्शन माउंट जैसे उपकरण का इस्तेमाल करते हैं। मोबाइल को मेट्रो की खिड़की के शीशे पर इस तरह लगाया जाता है कि उसका कैमरा प्लेटफॉर्म की तरफ रहे।

इसके बाद क्रिएटर फोन के सामने डांस करता है या कोई एक्ट करता है। जैसे ही मेट्रो चलती है, वीडियो में ऐसा दिखाई देता है कि मोबाइल भी ट्रेन के साथ चला गया और क्रिएटर उसे पकड़ने के लिए पीछे दौड़ रहा है।

यहीं से वीडियो देखने वाले के मन में कई सवाल आने लगते हैं, फोन वापस कैसे मिलेगा? अगर फोन गिर गया तो? कोई यात्री उसे उठा ले गया तो? यही सवाल लोगों को वीडियो के अंत तक रोके रखते हैं।

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वायरल रील के पीछे है एडिटिंग का खेल

दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर निखिल कोचर की ऐसी ही एक रील सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वीडियो को 13.5 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद इसी तरह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर नजर आने लगे।

हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली कहानी पूरी तरह असली नहीं होती। दरअसल, ऐसे वीडियो आमतौर पर दो अलग-अलग क्लिप को एडिट करके बनाए जाते हैं।

पहली क्लिप में फोन को मेट्रो की खिड़की पर लगाया जाता है और ट्रेन चलने से पहले मोबाइल को सुरक्षित हटा लिया जाता है। दूसरी क्लिप में मेट्रो के अंदर बैठा कोई दूसरा व्यक्ति अपने फोन से प्लेटफॉर्म पर दौड़ रहे क्रिएटर का वीडियो बनाता है।

बाद में दोनों वीडियो को एडिट करके इस तरह जोड़ दिया जाता है कि देखने वाले को लगे कि पूरी रिकॉर्डिंग उसी मोबाइल से हो रही है, जो मेट्रो की खिड़की पर चिपका हुआ है।

वीडियो में दिखने वाले रिफ्लेक्शन से खुलता है राज

अगर आप ऐसी रील को ध्यान से देखें तो कई बार शीशे के रिफ्लेक्शन में वीडियो बनाने वाले दूसरे व्यक्ति की झलक दिखाई दे सकती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैमरा वास्तव में मेट्रो के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति के हाथ में है।

यानी जिस मोबाइल को बचाने के लिए क्रिएटर बाहर भागता हुआ दिखाई दे रहा है, हो सकता है वह फोन पहले ही उसके पास सुरक्षित रखा जा चुका हो।

करोड़ों लोग ऐसी रील क्यों देख रहे हैं?

इस ट्रेंड की सबसे बड़ी ताकत है कन्फ्यूजन और सस्पेंस। जैसे ही कोई व्यक्ति महंगा फोन मेट्रो की खिड़की पर चिपकाता है, आपका ध्यान वीडियो पर चला जाता है। फिर मेट्रो चलती है और आपको लगता है कि अब फोन गया।

यही सवाल आपको वीडियो पूरा देखने के लिए मजबूर करता है। कई लोग तो सच समझने के लिए वीडियो दोबारा देखते हैं और फिर कमेंट सेक्शन में जाकर दूसरों की राय पढ़ते हैं।

किसी को लगता है कि अगले स्टेशन पर क्रिएटर का दोस्त फोन लेने के लिए खड़ा होगा, तो कोई शीशे में रिफ्लेक्शन देखकर वीडियो का राज समझने की कोशिश करता है। इस तरह कमेंट, शेयर और रीवॉच वीडियो की पहुंच और बढ़ा देते हैं।

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DMRC ने क्यों दी चेतावनी?

वीडियो एडिटेड हो सकता है, लेकिन इसे बनाने के दौरान प्लेटफॉर्म पर दौड़ना या मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल लगाना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ऐसे वीडियो बनाने को लेकर चेतावनी दी है।

मेट्रो स्टेशन पर इस तरह की गतिविधि से दूसरे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। मोबाइल गिरने से किसी को चोट भी लग सकती है और खुद क्रिएटर के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

यानी वायरल रील के चक्कर में ऐसा स्टंट करना बिल्कुल समझदारी नहीं है। वीडियो एडिट करके मजेदार बनाया जा सकता है, लेकिन असली जिंदगी में मेट्रो प्लेटफॉर्म कोई स्टंट एरिया नहीं है।

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