By अंकित सिंह | Aug 29, 2022
दिल्ली में केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि, दिल्ली में यह पहला मौका नहीं है जब केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच इस तरह की तकरार देखी गई है। इससे पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं जब दोनों की तकरार बढ़ गई हैं। इन सबके बीच उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ आम आदमी पार्टी हमलावर हो गई है। आम आदमी पार्टी के विधायक उपराज्यपाल के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना देने की तैयारी में है। विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ आप विधायक जांच की मांग कर रहे हैं। दरअसल, कई मुद्दों पर केजरीवाल सरकार उपराज्यपाल से खफा चल रही है। इसमें से एक कारण यह भी है कि शराब नीति को लेकर एलजी ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। इसी के बाद से दोनों ओर से टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी।
AAP का आरोप
आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दुर्गेश पाठक ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा में आरोप लगाया कि उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने 2016 में खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) का अध्यक्ष रहते हुए अपने कर्मचारियों पर 1400 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने के लिए दबाव डाला था। आरोपों पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। नए आरोपों से सत्तारूढ़ दल और उपराज्यपाल के बीच के संबंध और खराब हो सकते हैं। उपराज्यपाल सक्सेना ने पिछले महीने अरविंद केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश की थी।