AAP विधायक ने किया दावा, RML अस्पताल कोविड-19 जांच के दे रहा गलत नतीजे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 04, 2020

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने बुधवार को दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित आरएमएल अस्पताल कोविड-19 जांच के “गलत” नतीजे दे रहा है और 48 घंटे के अंदर उन्हें जमा कराने के सरकारी नियम का उल्लंघन कर रहा है। आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने आरएमएल अस्पताल के 30 नमूनों की फिर से जांच की जिन्हें कोविड-19 संक्रमित बताया गया था। उन्होंने कहा कि इनमें से 12 मामलों में संक्रमण नहीं पाया गया जबकि दो नमूनों की जांच बेनतीजा रही। आरएमएल अस्पताल ने एक बयान में कहा कि नमूनों की तारीख अलग थी और जब दोबारा जांच हुई तो उसमें सात से 14 दिनों का अंतराल था। उसने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा गुणवत्ता जांच की जा रही है तथा परिणाम सुसंगत हैं। अस्पताल ने यह भी कहा कि अब कोई बैकलॉग नहीं है और नियमित गुणवत्ता जांच की जा रही हैं। अस्पताल ने एक बयान में कहा, “हम एम्स और एनसीडीसी से गुणवत्ता जांच करा रहे हैं और नतीजे सुसंगत हैं। हमारे यहां संक्रमण के मामले ज्यादा हैं क्योंकि सभी हॉटस्पॉट मामले, परिवार समूह और प्रयोगशाला में पुष्ट उच्च जोखिम वाले संपर्क मामले हमारे जांच केंद्र में ज्यादा हैं। इसके साथ ही हमारे यहां अब कोई बैकलॉग नहीं है। समस्या पहले थी जब पर्याप्त जांच किट उपलब्ध नहीं थे।” आप नेता राघव चड्ढा ने इससे पहले आरोप लगाए थे कि आरएमएल की कोरोना वायरस जांच में 45 प्रतिशत गड़बड़ी है।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने IB अधिकारी की हत्या मामले में दाखिल की चार्जशीट, कहा- इसके पीछे थी गहरी साजिश

चड्ढा ने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोविड-19 की जांच के नतीजे 48 घंटों के अंदर जमा किये जाने चाहिए और यदि संभव हो तो 24 घंटे के अंदर जमा करने की कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया, “लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आरएमएल अस्पताल ने इस प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन किया। उन्होंने नतीजे, 72 घंटे, छह दिन, सात दिन, 10 दिन और यहां तक कि 31 दिन बाद भी जमा कराए हैं।” उन्होंने कहा, “करीब 281 मरीजों को उनकी जांच के नतीजे तीन दिन बाद मिले, 210 मरीजों को चार दिन बाद, 50 लोगों को सात दिन बाद, चार लोगों को जांच के नतीजे नौ दिन बाद मिले और कुछ रिपोर्ट 31 दिन बाद दी गईं।” चड्ढा ने कहा, “आप की तरफ से मैं दिल्ली सरकार से अनुरोध करता हूं कि कोविड-19 की 45 प्रतिशत रिपोर्ट त्रुटिपूर्ण देने और 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट जमा कराने के सरकारी नियम का उल्लंघन करने के लिये आरएमएल अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

प्रमुख खबरें

Prashant Kishor ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

AISA अध्यक्ष Neha Bora ने Jantar Mantar प्रदर्शन जारी रखने का दिया संदेश

Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, घटस्थापना और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

Mansukh Mandaviya से मिले पैरा निशानेबाज, Asian Para Games चयन में PCI पर लगाया पक्षपात का आरोप