By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 13, 2026
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार को आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स या कंटेंट क्रिएटर्स के एक समूह ने कथित तौर पर घेर लिया और उनसे बहस की। दीपके आदोरी, कोरका और बोंदारी गांवों में उन आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिनके बच्चों की कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों के कारण मौत हुई है। उनका मकसद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की भी जानकारी जुटानी थी।
बहस बढ़ने पर दीपके के साथ आए सीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बैठाया और वहां से रवाना कर दिया। उनके जाने के दौरान महिला को यह कहते सुना गया, भाग गया, भाग गया। स्थानीय पत्रकारों ने दावा किया कि दूरदराज के गांव में बाहर से आए सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर्स’ के इस समूह को देखकर वे हैरान थे।
उन्होंने आशंका जताई कि दीपके के दौरे में बाधा डालने के लिए इन लोगों को किसी के कहने पर वहां भेजा गया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने इस सप्ताह क्षेत्र में 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट जिलाधिकारी और अन्य को नोटिस जारी किए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा है और करीब 400 बच्चों का इलाज महज 50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल में किया जा रहा है।