By एकता | Nov 08, 2026
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन की रात कालीघाट स्थित उनके घर के बाहर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से एक एफआईआर में खुद अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल है। वहीं, हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाने और उन्हें थप्पड़ मारने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब मौके के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बाकी आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात से ही कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के समर्थकों और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बना हुआ था। आधी रात को जब अभिषेक के जन्मदिन पर उनके घर के बाहर कई टीएमसी नेता और कार्यकर्ता जुटे थे, तभी पास मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते यह बहस धक्का-मुक्की, पत्थरबाजी और हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने उनके पार्टी दफ्तर में भी जमकर तोड़फोड़ की।
इस पूरे मामले में कालीघाट थाने में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने खुद आगे आकर दो केस दर्ज किए हैं, जिनमें से एक में अभिषेक बनर्जी का नाम है। इसके अलावा, अभिषेक ने अज्ञात बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दी है, वहीं कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शुक्रवार रात हुई इस घटना के विरोध में अभिषेक बनर्जी अपने घर के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। अपने समर्थकों पर हुए हमले को लेकर अभिषेक ने कहा, "हमारे कार्यकर्ताओं पर कील लगी लाठियों से हमला किया गया, जिसमें हमारे चार से पांच समर्थक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।" शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पुलिस के दखल के बाद ही वह धरने से उठकर अपने घर के अंदर गए।
इस बवाल के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कालीघाट थाने के प्रभारी बलाई बाग की भूमिका पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले को लेकर कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद से सीधे इस्तीफे की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि हिंसा में शामिल अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जा सके।