कोलकाता में छह घंटे की पूछताछ के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, भाजपा सरकार कर रही राजनीतिक बदले की कार्रवाई

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 01, 2026

कोलकाता, एक सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पिछले सप्ताह उनके कार्यालय से अनधिकृत होर्डिंग हटाए जाने के दौरान अधिकारियों के साथ कथित झड़प के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा छह घंटे तक की गई पूछताछ के बाद आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ ‘राजनीतिक बदले की भावना’से कार्रवाई कर रही है। बनर्जी ने पूछताछ के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस थाना के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से की गई कार्रवाई के तहत उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए लगभग 1,000 लोगों को भेजा गया था। तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने चुनौती देते हुए कहा, ‘‘अगर उन्हें लगता है कि वे झूठे मामलों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं।

इस संबंध में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि निजी सुरक्षा गार्ड, पार्टी समर्थक और कुछ तृणमूल नेताओं ने होर्डिंग हटाने का विरोध किया और मौके पर पंहुचे पुलिस कर्मियों और नगर निकाय के अधकारियों से हाथा-पाई की। इसके बाद पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज कीं और कई लोगों को गिरफ्तार किया।

दो प्राथमिकियों में आरोपी बनाए गए बनर्जी को पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस भेजा गया था। वह दोपहर सवा 12 बजे थाने पहुंचे, जबकि बाहर जमा तृणमूल समर्थकों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन्हें निशाना बना रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपों में सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकना, गैर-कानूनी तरीके से जमा होना और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट व उनका उत्पीड़न करना शामिल है।

तृणमूल लगातार आरोप लगा रही है कि पुलिस द्वारा उसके नेताओं के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है। कथित झड़प के समय मौके पर मौजूद रहे और एक प्राथमिकी में नामजद तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा पुलिस को रोकने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरों को ‘‘फर्जी’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि सुरक्षाकर्मी इमारत के प्रवेश द्वार पर ड्यूटी पर तैनात थे।

ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक “अवैध” नोटिस के साथ जबरन कार्यालय में घुस आई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। राज्य सरकार की वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘कानून सभी के लिए समान है। अगर आप पुलिस को परेशान करते हैं और उन पर हमला करते हैं, तो आपको कानून का सामना करना ही होगा।

इसमें कोई राजनीतिक बदले की भावना नहीं है।’’ तृणमूल कांग्रेस ने मामले में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिषेक बनर्जी और डेरेक के वकील अर्का नाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन प्राथमिकी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। वकील ने दावा किया कि शेक्सपियर सरणी पुलिस को एक जवाबी नोटिस भेजा गया है जिसमें दलील दी गई कि प्राथमिकी की प्रति ऑनलाइन अपलोड न करना ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है।

उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर पुलिस को अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद डेरेक को नोटिस भेज कर सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में पुलिस ने उनके घर पर एक और नोटिस भेजा, जिसमें उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया है।

पुलिस का हालांकि कहना है कि यह कार्रवाई झड़प के दौरान लगे विशेष आरोपों के आधार पर की जा रही है और मामलों में नामजद लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रमुख खबरें

सिरमौर खनन हादसे में 3 की मौत पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, विधानसभा में बोले उद्योग मंत्री

Pakistan Team में मचे घमासान पर भड़के Kamran Akmal, Rizwan और Salman Agha को वापस भेजने पर उठाए गंभीर सवाल

Asian Games: 17 हजार खिलाड़ियों के रहने का दावा, क्या Indian Cricket Team की नाराजगी होगी दूर?

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से 1,050 लोगों की मौत, 4,000 लापता