By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी से अलग हुए गुटों में शामिल होने वाले एक भी “गद्दार” को पार्टी में वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदलने में “युवा शक्ति” के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों ने अपनी ताकत के सामने ‘दिल्ली के जमींदारों’ को झुकने के लिए मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “यह उस पार्टी को लगे शाप का नतीजा था, जिसने बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए वोट चुराए थे। राज्य में चुनाव परिणाम चार मई को घोषित हुए और 15 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का गठन हो गया।” बनर्जी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देते हुए कहा, “अगर आपमें हिम्मत है, तो पहले छात्रों और युवाओं के सामने आमने-सामने खड़े होकर उनका मुकाबला करें।” पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार और मौजूदा भाजपा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की तुलना करते हुए अभिषेक ने दावा किया कि ममता बनर्जी की “सिंगल-इंजन” सरकार ने “डबल-इंजन” राज्य और केंद्र सरकार की तुलना में अधिक लाभार्थियों की मदद की। बनर्जी ने कहा, “ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 2.5 करोड़ महिलाओं को लक्ष्मी भंडार की सहायता दी, जबकि भाजपा सरकार 1.5 करोड़ लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने के लिए संघर्ष कर रही है।” पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता देने के लिए अन्नपूर्णा योजना शुरू की है।
इसने पिछली टीएमसी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह ली है, जिसके तहत हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये की सहायता दी जाती थी। बनर्जी ने मीडिया के एक वर्ग में जारी इन अटकलों को खारिज कर दिया कि वह देश छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा, “जब तक आप मेरा शव और उसके ऊपर दो फूलों वाला झंडा (तृणमूल का चुनाव चिह्न) नहीं देख लेते, तब तक किसी बात पर विश्वास मत करना।
जब तक मैं मरा नहीं, तब तक मैं हारा नहीं।