By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
नयी दिल्ली, सात अगस्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को आइसा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें रांची में विरोध मार्च के दौरान संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना को आरएसएस और भाजपा से जोड़ा गया था। एबीवीपी ने इन आरोपों को ‘‘निराधार, भ्रामक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित’’ बताया। इसने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाने के बजाय ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) एक बार फिर मनगढ़ंत विवादों और मीडिया के सहारे चलाए जा रहे राजनीतिक विमर्श के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एबीवीपी ने कहा कि वामपंथी छात्र संगठन स्याही फेंकने की घटना का इस्तेमाल छात्रों के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों को दबाने के लिए कर रहा है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने के बजाय यह संगठन जानबूझकर राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसने कहा कि छात्र आंदोलनों को शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए, न कि उन्हें दलगत राजनीति का साधन बनना चाहिए।