By Ankit Jaiswal | Sep 27, 2026
एयर कंडीशनर, एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और दूसरे घरेलू सामान बनाने वाली कंपनियां 1 अक्टूबर से कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, तांबा, स्टील, एल्युमिनियम और कच्चे तेल से जुड़े उत्पाद महंगे होने के साथ डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है।
बता दें कि ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां अलग-अलग उत्पादों की कीमतों में 4-10% तक बढ़ोतरी कर चुकी हैं या इसकी पुष्टि कर चुकी हैं। एलजी और हिताची ब्रांड वाले एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनी बीएससी होम कम्फर्ट ने भी कीमतों में करीब 5% बढ़ोतरी की है। वहीं पैनासोनिक अभी बाजार की स्थिति पर नजर रख रही है और उसके बाद अंतिम फैसला लेगी।
गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के कामिल नंदी ने कहा कि पिछली कीमत समीक्षा के बाद कच्चे माल की लागत 8-10% बढ़ गई है। ऐसे में अलग-अलग कंपनियां 5-7% तक कीमतें बढ़ा सकती हैं। हालांकि, डीलरों और वितरकों के पास पहले से खरीदा गया पुराना माल मौजूद होने के कारण दिवाली तक ग्राहकों को कुछ उत्पाद पुरानी कीमत पर मिल सकते हैं। नई कीमतों का पूरा असर दिवाली के बाद दिखाई देने की संभावना है।
डाइकिन ने 16 सितंबर से कीमतों में 8-10% बढ़ोतरी की है। कंपनी के प्रबंध निदेशक कंवलजीत जावा ने कहा कि तांबे की कीमत करीब 25-35% बढ़ी है और डॉलर मजबूत होने से दबाव और बढ़ा है। वहीं सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स टीवी की कीमतों में अक्टूबर के बाद करीब 7% बढ़ोतरी करेगी।
गौरतलब है कि त्योहारी मौसम घरेलू सामान बनाने वाली कंपनियों के लिए बेहद अहम होता है। ओणम से दशहरा और दिवाली तक का समय आम तौर पर साल की कुल बिक्री में 30-40% हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में कीमत बढ़ने के बावजूद कंपनियां मांग मजबूत रहने की उम्मीद कर रही हैं।
इनमॉबी के सर्वेक्षण के अनुसार, 2026 में 77% भारतीय उपभोक्ताओं ने त्योहारी खरीदारी का बजट बढ़ाने की योजना बताई है, हालांकि पिछले साल यह आंकड़ा 83% था। वहीं 50,000 रुपये से अधिक खर्च करने वालों की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत अंक बढ़ी है। सर्वेक्षण में 1,110 लोगों को शामिल किया गया था।
पिछले त्योहारी दौर में मांग मजबूत रही है। निर्माताओं के अनुसार, ओणम के दौरान फ्रिज, एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन की मात्रा के हिसाब से बिक्री 12-15% बढ़ी, जबकि बिक्री की कुल कीमत में 18-23% की बढ़ोतरी हुई। अब कंपनियों के सामने सवाल यह है कि क्या त्योहारी मांग लगातार बढ़ती लागत और एक और कीमत बढ़ोतरी का दबाव संभाल पाएगी। इसका पूरा असर दिवाली के बाद बाजार में दिखाई देने की उम्मीद है।