NCRB के मुताबिक आदिवासियों और बच्चों के उत्पीड़न के मामलों में MP हैं पहले पायदान पर

By सुयश भट्ट | Sep 15, 2021

भोपाल। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार देश भर में आदिवासियों के उत्पीड़न में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। एनसीआरबी के साल 2020 के सामने आए डाटा में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में 2019 की तुलना में साल 2020 में 20% मामले बढ़ गए हैं।बताया जा रहा है कि अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मध्यप्रदेश में 2401 मामले दर्ज हुए हैं।

इन आंकड़ों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सूबे की शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 1 साल में 20 फ़ीसदी आदिवासियों पर अत्याचार बढ़े हैं। बाल अपराध, मासूमों के साथ दुष्कर्म में भी एमपी पहले पायदान पर है।

कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, “एनसीआरबी के वर्ष 2020 के आँकड़ो में मध्यप्रदेश आदिवासियों के उत्पीड़न में शीर्ष पर , पिछले वर्ष के मुक़ाबले 20% बढ़े मामले , 2401 मामले दर्ज। बाल अपराध, मासूमों के साथ दुष्कर्म में भी प्रदेश शीर्ष पर, आँकड़ो के मुताबिक़ बच्चों की दृष्टि से प्रदेश असुरक्षित।

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उन्होंने आगे लिखा कि यह है शिवराज सरकार के 16 वर्षों के विकास की तस्वीर। जब से प्रदेश में शिवराज सरकार आयी है आदिवासी , दलित , शोषित वर्ग पर उत्पीड़न व दमन की घटनाएँ बढ़ी है , दुष्कर्म की घटनाएँ रोज़ घटित हो रही है, अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद है, क़ानून का कोई ख़ौफ़ नही बचा है।”

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