By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 12, 2022
बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को कहा कि भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) को भंग करने और लोकायुक्त पुलिस शाखा की शक्तियों को बहाल करने के उच्च न्यायालय के फैसले के बाद राज्य सरकार की आगे की कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 2018 के घोषणापत्र के आधार पर होगी। वर्ष 2016 में सिद्धरमैया नीत तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा बनायी गयी एसीबी इकाई को भंग करने का वादा भाजपा ने अपने 2018 के चुनावी घोषणापत्र में किया था।
याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त पुलिस की शक्तियों को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामलों को दर्ज करने और जांच करने से वापस ले लिया गया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा, कार्यकारी आदेश के माध्यम से एसीबी का गठन उचित और संवैधानिक नहीं है। तदनुसार, एसीबी को भंग किया जाता है। अदालत ने कहा कि एसीबी के समक्ष लंबित सभी मामलों को अब लोकायुक्त पुलिस शाखा में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उच्च न्यायालय ने कहा, हालांकि, एसीबी द्वारा अब तक की गई सभी कार्रवाई मान्य होगी। कांग्रेस सरकार द्वारा 2016 में जारी की गयी दो अधिसूचनाओं को अधिवक्ता संघ बेंगलुरु, चिदानंद उर्स और समाज परिवर्तन समुदाय सहित विभिन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा चुनौती दी गई थी।