कार्यकर्ता वरवर राव मुंबई के अस्पताल में भर्ती, परिवार ने तत्काल जमानत पर रिहा करने की मांग की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 30, 2020

हैदराबाद। एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके परिवार ने उन्हें तत्काल जमानत पर रिहा करने की शनिवार को मांग की। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने ट्वीट किया, “यह मालूम चला है कि श्री वरवर राव को न्यायिक हिरासत में रहते हुए मुंबई के जे जे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले की जानकारी परिवार के सदस्यों को दे दी गई है और मुंबई तक यात्रा के लिए डीसीपी सेंट्रल जोन द्वारा परिवार के लिए जरूरी पास जारी किए जा रहे हैं।” 

उन्होंने कहा, “हम मुंबई में एजेंसियों के साथ समन्वय बिठा रहे हैं।” 80 वर्षीय राव फिलहाल नवी मुंबई की तालोजा जेल में बंद हैं। वरवर राव की पत्नी हेमलता ने शनिवार को एक बयान में उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुंबई में उनसे मुलाकात की अनुमति प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह काफी होगा कि सरकार कोविड-19 के संदर्भ में जरूरी मंजूरी दे दे और हम यात्रा का प्रबंध खुद कर लेंगे।” उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की सरकारों से तत्काल उनके साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कराने का अनुरोध किया है ताकि परिवार के सदस्यों को उनके स्वास्थ्य की सही स्थिति का पता चल सके।

हेमलता ने कहा कि चूंकि वरवर राव पहले ही “फर्जी आरोपों और बिना किसी सुनवाई के” 18 माह की कैद काट चुके हैं, इसलिए उन्हें तत्काल जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि राव को पहले से ही हृदय की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हैं, हेमलता ने कहा कि डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा उनकी चिकित्सीय जांच होनी चाहिए ताकि “वर्तमान समस्या” के कारणों का पता चल सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एनआईए को निर्देश दे कि वह राव और अन्य आरोपी के खिलाफ “प्रतिशोधी” दृष्टिकोण को छोड़ दे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 

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उन्होंने कहा, “वरवर राव की सेहत और सुरक्षा की जिम्मेदारी तेलंगाना सरकार की है क्योंकि उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य के लिए 1969 से हुए विभिन्न आंदोलनों में हिस्सा लिया है।” वरवर राव की सेहत पर चिंता जताते हुए भाकपा के पूर्व महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने उनकी रिहाई और उन्हें हैदराबाद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की। इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह कानून के अनुरूप काम करेंगे।

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