Adani Enterprises और Jabil Inc ने Data Center उपकरणों के लिए 50:50 साझेदारी का प्रस्ताव दिया

By Ankit Jaiswal | Oct 13, 2026

भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए अडानी समूह ने एक बड़ा कदम उठाया है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और वैश्विक इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जेबिल इंक ने भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण बनाने के लिए 50:50 की साझेदारी का प्रस्ताव रखा है। दोनों कंपनियों ने मंगलवार को इस योजना को लेकर एक शुरुआती समझौता किया है। इसके तहत देश में ऐसे उपकरणों का निर्माण और उनकी असेंबलिंग की जाएगी, जिनका इस्तेमाल बड़े डेटा सेंटर और एआई से जुड़ी सेवाओं में होता है।

बता दें कि जून 2026 में अडानी समूह और जेबिल ने भारत में एआई तथा डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की मंशा जाहिर की थी। मंगलवार को हुआ समझौता उसी योजना को आगे बढ़ाने वाला कदम है। इस प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत होगी।

अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि एआई के विकास के लिए केवल नए तकनीकी विचार और बेहतर सॉफ्टवेयर पर्याप्त नहीं होंगे। इसके लिए ऊर्जा, बड़े डेटा सेंटर, आधुनिक कंप्यूटिंग और सटीक मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ जोड़ने वाली औद्योगिक व्यवस्था की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि अडानी समूह अब केवल एआई से जुड़ी सुविधाओं को बिजली और जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उन जरूरी उपकरणों के निर्माण में भी अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है, जिनसे अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग व्यवस्था तैयार होगी।

गौरतलब है कि प्रस्तावित साझेदारी के तहत एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण तथा असेंबलिंग की जाएगी। सर्वर और स्टोरेज उपकरण डेटा को रखने और उस पर तेजी से काम करने में मदद करते हैं, जबकि नेटवर्किंग उपकरण अलग-अलग प्रणालियों को आपस में जोड़ते हैं। एआई रैक में उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम लगाए जाते हैं, जो एआई से जुड़े काम और दूसरी डिजिटल सेवाएं चलाने में उपयोग होते हैं।

जेबिल इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक दस्तूर ने कहा कि यह समझौता भारत में बड़े स्तर पर एआई उपकरणों के निर्माण की दिशा में अगला कदम है। उन्होंने बताया कि जेबिल के 60 साल के इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को अडानी समूह की ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी क्षमताओं के साथ जोड़कर बेहतर डेटा सेंटर समाधान तैयार किए जा सकते हैं। इससे भारत और दुनिया के बड़े डेटा सेंटर संचालकों की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।

दोनों कंपनियों का अनुमान है कि एआई कंप्यूटिंग में बढ़ते निवेश के कारण अगले 7 साल में इस क्षेत्र में वैश्विक बाजार का अवसर $3 ट्रिलियन से अधिक हो सकता है। यह अनुमान दिखाता है कि आने वाले वर्षों में एआई उपकरणों, सर्वर और डेटा सेंटर से जुड़े बुनियादी ढांचे की मांग तेजी से बढ़ सकती है।

यह योजना अडानी समूह की उस घोषणा से भी जुड़ी है, जिसके तहत उसने 2035 तक हरित ऊर्जा से चलने वाले 5 गीगावाट क्षमता के एआई के लिए तैयार बड़े डेटा सेंटर विकसित करने के लिए $100 बिलियन निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम से समूह के कारोबार में उपकरण निर्माण का नया क्षेत्र जुड़ेगा। इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, घरेलू मांग पूरी करने और निर्यात के अवसर तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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