चीन खुद को अलग-थलग महसूस करेगा, भारत के लिए अवसर बढ़े : अडाणी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 28, 2022

उद्योगपति गौतम अडाणी का मानना है कि बढ़ते राष्ट्रवाद और आपूर्ति श्रृंखला और प्रौद्योगिकी से संबंधित अंकुशों के कारण चीन खुद को अलग-थलग महसूस करने लगेगा। उन्होंने कहा कि चीन में प्रौद्योगिकी संबंधी प्रतिबंधों से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को खतरा है। अडानी समूह के संस्थापक-चेयरमैन ने मंगलवार को सिंगापुर में एक सम्मेलन में कहा कि चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ परियोजना का कई देशों में विरोध हो रहा है।

अडाणी ने भारत को लेकर कहा कि वैश्विक अशांति ने देश के लिए अवसरों को तेज कर दिया है। इस घटनाक्रमों ने भारत को राजनीतिक, भू-रणनीतिक और बाजार के दृष्टिकोण से कुछ श्रेष्ठ स्थानों में से एक बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और हाल ही में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने जीवाश्म ईंधन से पैदा होने वाली बिजली की मात्रा बढ़ाने की भारत की योजनाओं की आलोचना पर भी पलटवार किया।

उन्होंने कहा कि भारत को एक बड़ी आबादी को ईंधन संबंधी सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता है। इसलिए यह भारत के लिए काम नहीं करेगा। अडाणी ने कहा कि विश्व की 16 प्रतिशत जनसंख्या वाले भारत की कार्बन उत्सर्जन में सात प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है और यह आंकड़ा लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस लोकतंत्र का समय आ गया है उसे रोका नहीं जा सकता और भारत का समय आ गया है।

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