By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 28, 2026
नयी दिल्ली, 28 जुलाई एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत सरकार के शहरी सुधार एजेंडा को समर्थन देने तथा शहरों को आर्थिक वृद्धि, नवोन्मेष और बेहतर जीवन गुणवत्ता के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक अरब डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। इसके साथ मनीला स्थित बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान ने भारत की प्रमुख रूफटॉप यानी छतों पर सौर प्रणाली लगाने की योजना के विस्तार के लिए 85 करोड़ डॉलर के कर्ज को भी मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य घरों तक किफायती स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच बढ़ाना और रूफटॉप सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग को गति देना है।
इसमें परिवहन-केंद्रित विकास और सार्वजनिक स्थलों का बेहतर प्रबंधन शामिल है। इसके तहत नगर निकायों के लिए नगर निगम बॉन्ड तथा अन्य बाजार आधारित वित्त पोषण के माध्यम से पूंजी जुटाने और डिजिटल प्रणालियों के जरिये शहरी प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। एडीबी के अनुसार, भारत का आर्थिक बदलाव तेजी से शहरीकरण से प्रेरित हो रहा है।
देश में सृजित होने वाली नई नौकरियों में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी शहरों की है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में उनका योगदान करीब 63 प्रतिशत है, जो 2030 तक बढ़कर 75 प्रतिशत होने का अनुमान है। हालांकि, कई शहर अब भी संस्थागत क्षमता, वित्तीय संसाधनों और बाजार आधारित वित्त पोषण तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। रूफटॉप सौर ऊर्जा की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने के लिए 85 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा पर एक अलग बयान में एडीबी ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा के विस्तार में मदद करेगा।
साथ ही, इससे लाखों परिवारों के लिए स्वच्छ ऊर्जा अधिक किफायती और सुलभ हो सकेगी। भारत में एडीबी की क्षेत्रीय निदेशक मियो ओका ने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों को केंद्र में रखकर ऊर्जा बदलाव को बढ़ावा देगा। इससे ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति संबंधी झटकों का असर कम होगा, बिजली वितरण प्रणाली मजबूत होगी, हरित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी घरेलू मूल्य श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत कम से कम 6,000 लोगों को प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाएगा, जिनमें कम-से-कम एक-तिहाई महिलाएं होंगी। इसके अलावा नए आदर्श सौर गांवों और नवोन्मेषी विकेंद्रीकृत सौर परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। एडीबी के अनुसार, यह कार्यक्रम विक्रेताओं की जवाबदेही बढ़ाने, विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा सौर फोटोवोल्टिक पैनल और बैटरी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान एवं पुनर्चक्रण को भी मजबूत करेगा।