By Ankit Jaiswal | Sep 16, 2026
गुरुग्राम में एडिडास के तकनीकी कार्यालय से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जर्मनी की खेल सामान बनाने वाली कंपनी एडिडास ने भारत स्थित अपने तकनीकी केंद्र में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक इस फैसले से गुरुग्राम स्थित टेक्नोलॉजी सेंटर में काम करने वाले करीब 700 कर्मचारियों में से लगभग आधे लोगों की नौकरी जा सकती है।
जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार इस फैसले का असर मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आंकड़ों से जुड़े विशेषज्ञ और आंकड़ा इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम के इस तकनीकी केंद्र में करीब 300 से 350 कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। अगर यह संख्या सही साबित होती है तो यह केंद्र की कुल कार्यशक्ति का करीब आधा हिस्सा होगा।
गौरतलब है कि एडिडास ने भारत में अपना तकनीकी केंद्र वर्ष 2021 में शुरू किया था। इसका मकसद भारत के तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षेत्र से अच्छे लोगों को जोड़ना और कंपनी के उत्पादों से जुड़े तकनीकी काम को आगे बढ़ाना था। पिछले कुछ वर्षों में भारत में बड़ी कंपनियों के तकनीकी केंद्रों का विस्तार हुआ है और कई वैश्विक कंपनियां यहां से अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी काम संभाल रही हैं। ऐसे में एडिडास के टेक्नोलॉजी सेंटर में हुई यह छंटनी कर्मचारियों के लिए अहम बदलाव मानी जा रही है।
मौजूद जानकारी के मुताबिक प्रभावित कर्मचारियों को दो समूहों में बांटा गया है। पहले समूह में शामिल कर्मचारियों को 15 सितंबर को ही नौकरी खत्म किए जाने से जुड़े पत्र दे दिए गए। यानी जिस दिन कंपनी ने बैठक में छंटनी की जानकारी दी, उसी दिन कुछ कर्मचारियों की विदाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
दूसरे समूह में शामिल कर्मचारियों को फिलहाल कुछ समय और कंपनी के साथ काम करना होगा। इन कर्मचारियों की अंतिम तारीख 15 दिसंबर तय की गई है। इस दौरान उन्हें अपनी जिम्मेदारियां दूसरे कर्मचारियों को सौंपनी होंगी, ताकि काम को आगे जारी रखने में कंपनी को परेशानी न हो।
एडिडास ने अपने बयान में कहा है कि कारोबार की बदलती जरूरतों के हिसाब से कंपनी अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर रही है। कंपनी के मुताबिक कुछ हिस्सों को आसान बनाने, जरूरी क्षमताओं को मजबूत करने और लंबे समय के लिए कारोबार को बेहतर स्थिति में रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
कंपनी ने इसे मुश्किल फैसला बताते हुए प्रभावित कर्मचारियों के योगदान के लिए आभार जताया है। एडिडास का कहना है कि नौकरी से प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को इस बदलाव के दौरान सम्मान और जरूरी मदद देने की कोशिश की जाएगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि तेजी से बदलते कारोबार और तकनीकी माहौल के बीच उसके काम करने के तरीके में बदलाव जरूरी हो गया है।
बता दें कि भारत में टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग से जुड़े रोजगार के लिए बड़ी वैश्विक कंपनियों के केंद्र लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में एडिडास के गुरुग्राम केंद्र में प्रस्तावित बड़े स्तर की छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों के साथ-साथ भारत में कंपनी की तकनीकी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि छंटनी के बाद गुरुग्राम केंद्र का कामकाज किस तरह बदलेगा और भविष्य में यहां कितने कर्मचारी काम करेंगे।