By एकता | May 31, 2026
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने रविवार को देश के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। कमान संभालते ही उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा के इस चुनौतीपूर्ण माहौल में नौसेना को पूरी तरह से तैयार रखना और नई तकनीक को अपनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया और इसे अपने करियर का सबसे बड़ा सम्मान बताया।
समुद्री खतरों से निपटने के अपने प्लान पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों की रक्षा करना सबसे ऊपर है। एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, "मेरा सबसे बड़ा काम यह पक्का करना होगा कि भारतीय नौसेना युद्ध और ऑपरेशन के लिए हमेशा उच्चतम स्तर पर तैयार रहे। नौसेना अपनी ताकत बढ़ाने और आधुनिक बनने की राह पर आगे बढ़ रही है। मेरा प्रयास होगा कि मैं इस रफ्तार को बनाए रखूं और नई तकनीकों को जल्द से जल्द नौसेना में शामिल करूं।"
नौसेना प्रमुख ने साफ किया कि देश में बने हथियारों और उपकरणों को बढ़ावा देना उनके कार्यकाल का मुख्य लक्ष्य रहेगा। उन्होंने आगे कहा, "भारतीय नौसेना जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण के प्रति पूरी तरह से समर्पित है। इस दिशा में हम तेजी से काम करेंगे।"
एडमिरल स्वामीनाथन ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की शानदार सेवाओं के लिए पूरी नौसेना की तरफ से उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि एडमिरल त्रिपाठी ने बहुत सफलतापूर्वक हमारा नेतृत्व किया है। नए प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि वे अपने जीवन का हर दिन नौसेना को और बेहतर, मजबूत और असरदार बनाने में लगा देंगे।
कमान सौंपने के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने संतोष जताते हुए कहा कि संकट के समय नौसेना ने हमेशा अपनी ताकत साबित की है। उन्होंने कहा, "जब भी देश को जरूरत पड़ी, नौसेना ने अपना फर्ज निभाया। पश्चिम एशिया के संकट के बीच 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' इसका बड़ा उदाहरण है। हमने साबित किया है कि हम भारत के समुद्री हितों की रक्षा के लिए किसी भी समय और कहीं भी तैयार हैं।" उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि एडमिरल स्वामीनाथन के नेतृत्व में भारतीय नौसेना नई ऊंचाइयों को छुएगी।