Nepal के नए नियम के बाद बॉर्डर पर फंस गए 1000 से ज्याजा कंटेनर, मचा बवाल!

By अभिनय आकाश | May 05, 2026

जब नियम अचानक बदल जाते हैं तो बाजार सबसे पहले हिलता है। नेपाल में इस समय कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। भारत से आने वाले सामान पर नए कस्टम नियमों ने पूर्ण व्यापार तंत्र को झटका दे दिया है। बॉर्डर पर ट्रकों की लंबी कतारें, कंटेनरों का जाम और बाजार में संभावित महंगाई। यह सब मिलकर एक बड़ा आर्थिक संकट बनने की ओर इशारा कर रहे हैं। दरअसल, नेपाल सरकार ने 28 अप्रैल से एक नया आदेश लागू किया। इस आदेश के मुताबिक भारत से आने वाले हर सामान पर कस्टम क्लीयरेंस से पहले एमआरपी यानी कि मैक्सिमम रिटेल प्राइस का लेवल होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार कहना है कि अगर किसी सामान की कीमत 100 नेपाली रुपए से ज्यादा है तो उस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी और यह ड्यूटी तभी लगेगी जब उस सामान पर पहले से एमआरपी लिखा हो। मतलब अब हर एक प्रोडक्ट पर पहले से कीमत लिखना जरूरी है। तभी वह नेपाल में एंट्री ले पाएगा। इस नियम के लागू होते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। 

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महंगाई बढ़ने का खतरा है और सोचिए रोजमर्रा का सामान ही नहीं पहुंचेगा तो क्या होगा? हालांकि नेपाल सरकार ने हालिया फजीहत के बाद भंसार यानी कस्टम नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए यात्रियों के निजी सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू कर दी है। यह प्रावधान नेपाल राज्य पत्र के तहत जारी अधिसूचना के अनुसार प्रभावी हो गया है। अब चलिए जान लीजिए किन चीजों को मिली है राहत सबसे बड़ी पेट्रोलियम उत्पाद पर और दूसरा औद्योगिक कच्चा माल। जल्दी खराब होने वाले सामान, फल, सब्जी इनकी क्लीयरेंस जारी है। अब आप सोच रहे होंगे कि सरकार ने ऐसा नियम ही क्यों बनाया? यानी कि नेपाली सरकार ने। दरअसल नेपाल सरकार पिछले 10 साल से एमआरपी सिस्टम लागू करना चाहती थी। साल 2012 में भी इस पर नोटिस जारी हुआ था। मकसद था उपभोक्ताओं को सही कीमत मिले, ओवरचार्जिंग रुके, मार्केट में पारदर्शिता आए। लेकिन इस बार इसे अचानक लागू कर दिया गया और यहीं से विवाद शुरू हो गया। यह सिर्फ एक टैक्स का मामला नहीं है। यह है नीति बनाम व्यवहारिकता। क्योंकि सरकार कह रही है कि नियम जरूरी है। व्यापारी कह रहे हैं कि नियम लागू करने का तरीका ही गलत है। खैर, अगर जल समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर सिर्फ व्यापारियों पर नहीं बल्कि आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा।

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