By अंकित सिंह | Jul 23, 2026
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को विपक्ष से अपील की कि वे बिना किसी शर्त के NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा में शामिल हों। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के छात्रों से जुड़े इस मामले पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। राज्यसभा में बोलते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार तुरंत चर्चा शुरू करने के लिए तैयार है और उन्होंने सवाल किया कि बहस से पहले किसी शर्त की क्या ज़रूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी ने NEET पर चर्चा की मांग की है। चर्चा पर कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। अगर कोई शर्त रखी जाती है, तो इसका मतलब है कि आपकी नीयत ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सज़ा का भरोसा दे चुके हैं। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में जवाबदेही तय करने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उनके ये बयान प्रधानमंत्री मोदी की उस घोषणा के कुछ घंटों बाद आए, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है और भरोसा दिलाया कि छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
राज्यसभा में रिजिजू का यह बयान लोकसभा में सरकार द्वारा औपचारिक रूप से यह दोहराए जाने के एक दिन बाद आया है कि वह NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार है। बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री ने निचले सदन को बताया था कि सरकार शुरू से ही ऐसी चर्चा के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा था कि बहस किस नियम के तहत होगी, साथ ही इसकी तारीख और अवधि क्या होगी, यह तय करने के लिए सदन के नेताओं के बीच बातचीत ज़रूरी थी। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सरकार सिर्फ़ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सार्थक चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि संसद को केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार-विमर्श करना चाहिए ताकि जनता को इस विवाद पर सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी मिल सके।
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