By अभिनय आकाश | Jul 16, 2026
इस समय पाकिस्तान चौतरफा चौतरफा संकटों के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। एक तरफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में भड़की असंतोष की आग पूरी तरह बुझी भी नहीं है, तो दूसरी तरफ बलूचिस्तान में अलगाववादियों के खूनी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके साथ ही खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) लगातार सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर चुनौती दे रहा है। आंतरिक सुरक्षा की इस बदहाली के बीच, मुल्क में एक नया राजनीतिक भूचाल आने वाला है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एक और बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने बुधवार को सरकार पर एक और राजनीतिक हमला किया। पार्टी ने 5 अगस्त को देश भर में रैलियां करने का ऐलान किया है। पार्टी इसे अपने संस्थापक चेयरमैन इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की लगातार जेल में कैद के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने का एक बड़ा मौका बता रही है। यह फैसला पीटीआई की संसदीय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में पार्टी के सांसदों ने तय एजेंडे से हटकर देश में बढ़ती राजनीतिक उथल-पुथल और गहरे होते संकट पर व्यापक चर्चा की। बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटीआई के कार्यवाहक चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा कि पार्टी ने 5 अगस्त को अपना विरोध प्रदर्शन पूरे देश में ले जाने का फैसला किया है। इसी दिन 2023 में तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि पीटीआई की राजनीतिक समिति और विपक्षी गठबंधन जल्द ही मिलकर काम करने की योजना का ऐलान करेंगे, जिससे सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट होकर दबाव बनाने का संकेत मिलता है। यह घोषणा इमरान खान की बहन अलीमा खान के उस आह्वान के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने पीटीआई समर्थकों से अपने अभियान को तेज़ करने और पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई के लिए दबाव बढ़ाने को कहा था।