Russia के बाद अब आई चीन की बारी, ट्रंप ने समुंदर में उतारे परमाणु युद्धपोत, कुछ बड़ा होगा!

By अभिनय आकाश | Jan 09, 2026

वेनेजुएला पर अटैक के बाद से जहां ट्रंप की दुनिया भर में आलोचना हो रही है और खुद उनके ही लोग उन्हें इस मुद्दे पर घेर रहे हैं तो वहीं अब रूसी तेल के जहाज पर कब्जा कराने के बाद ट्रंप ने बहुत बड़ी गलती कर दी है क्योंकि जिस तरह से तेल टैंकर पर कब्जा होने से रूस भड़का हुआ है और अमेरिका पर परमाणु बम गिराने की धमकियां दी जा रही है। यहां तक कि रूस ने अपनी सबमरीन और युद्धपोत को समंदर में उतार दिया है। उससे तो ऐसा लग रहा है कि कहीं तीसरा विश्व युद्ध ना छिड़ जाए। पहली बार रूस और अमेरिका आक्रामक तरीके से आमने-सामने हैं।

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यूएसएस अब्राहम लिंकन को दक्षिण चीन सागर में फ्लाइट ऑपरेशंस करते हुए देखा जा सकता है। अमेरिकी नौसेना का कहना है कि इस तैनाती का मकसद क्षेत्र में किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधि को रोकना, सहयोगी देशों के साथ सैन्य तालमेल मजबूत करना और शांति बनाए रखना है। भले ही अमेरिका यह कह रहा हो कि उसने यह फैसला आक्रामक गतिविधि को रोकने के लिए लिया है। लेकिन सच यह है कि यह फैसला रूस से तनाव के बीच इसलिए लिया गया है कि कहीं चीन भी रूस के साथ उतर कर उस पर अटैक ना कर दे। पहले से ही अमेरिका इसकी नाकेबंदी कर रहा है। मगर ट्रंप को यह समझना होगा कि जो ये हरकतें कर रहे हैं वो उन पर ही भारी पड़गी क्योंकि इसका दुनिया भर में यह संदेश जाएगा कि ट्रंप भी तनाव बढ़ा रहे हैं और ऐसे में चीन और रूस कोई बड़ा कदम उठाते हैं तो दुनिया भी इनका साथ यह सोच कर देगी कि पहले अमेरिका ने इन्हें उकसाया फिर बचाव में यह कारवाई की गई।

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