By अंकित सिंह | Jun 18, 2022
सेना में भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना के खिलाफ युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में तोड़फोड़ की भी कोशिश कीजिए की गई है। इसको लेकर अब उत्तर प्रदेश पुलिस एक्शन में आ गई है। उत्तर प्रदेश में अब तक 260 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 6 केस दर्ज हुए हैं। उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर बलिया में रहा। यही कारण रहा कि बलिया में अब तक 109 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मथुरा में 70, अलीगढ़ में 30, वाराणसी कमिश्नरेट में 27, गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट में 15, आगरा में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक केस फिरोजाबाद में, एक अलीगढ़ में, तीन वाराणसी कमिश्नरेट में और एक गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट में दर्ज की गई है। बलिया रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को जमकर तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कई अलग-अलग इलाकों में भी प्रदर्शन ने हिंसात्मक रूप ले लिया था। हालांकि प्रशासन सख्ती से आंदोलन करने वाले लोगों से निपट रहा है।
वीडियो में कुछ युवा रेल की पटरी उखाड़ने का प्रयास करते और रेलवे की संपत्ति में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के अनुसार बलिया-वाराणसी मेमू एवं बलिया-शाहगंज ट्रेन में भी तोड़फोड़ की गई तथा प्लेटफार्म पर दुकानों को भी निशाना बनाया गया। रोडवेज से अनुबंधित दो बस में भी तोड़फोड़ की गयी। अपर पुलिस अधीक्षक तिवारी ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। बलिया में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे एक युवक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि वह सरकार से हाथ जोड़कर विनती करता है कि ‘अग्निपथ’ योजना को वापस ले लिया जाए क्योंकि इस निर्णय से सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के सपने चकनाचूर हो रहे हैं। युवक ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील करते हैं कि इस योजना को वापस ले लें। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि प्रदर्शन की वजह से 12 रेलगाड़ियों का संचालन रद्द कर दिया गया। इनमें वाराणसी-छपरा, छपरा-औरिहार, बलिया-वाराणसी, आजमगढ़-वाराणसी, छपरा-वाराणसी और वाराणसी-पटना एक्सप्रेस भी शामिल हैं। फिरोजाबाद से मिली खबर के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बसों में तोड़फोड़ की।